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मानसून के 100 दिन पूरे- सिर्फ 26 दिन ही हुई सामान्य से ज्यादा बारिश, जुलाई को छोड़ हर महीने बरसात ने दिया धोखा

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान देशभर में महज 26 दिन ही सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि समग्र रूप से बारिश सामान्य से 14.4% कम रही। जानिए 100 दिनों का पूरा हिसाब।
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नई दिल्ली

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Anand Prakash Yadav

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कानाराम मु​ण्डियार

Sep 09, 2026

IMD Rain Report

देश में मानसून सीजन के 100 दिन पूरे, लेकिन कुल बारिश सामान्य से हुई 14.4% कम

Southwest Monsoon India: दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के 100 दिन पूरे हो चुके हैं और अब देश से मानसून की वापसी का समय नज़दीक आ गया है। इन सौ दिनों में जहां कई इलाकों में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा किए, वहीं कई क्षेत्र बारिश की भारी कमी झेलते रहे। कुल मिलाकर सामान्य बारिश के मुकाबले देश का प्रदर्शन इस बार भी पीछे ही रहा।

आंकड़ों में मानसून, 109 मिमी पीछे रह गया सीजन

1 जून से 8 सितंबर के बीच देशभर में कुल 645.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 754.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी मानसून करीब 109 मिमी पीछे चल रहा है और समग्र बारिश सामान्य से लगभग 14.4 प्रतिशत कम रही। 100 दिनों में से महज़ 26 दिन ऐसे रहे जब देशभर में बारिश सामान्य से अधिक हुई, जबकि बाकी 74 दिन बारिश सामान्य से कम या उसके आसपास ही सिमटी रही।

जुलाई ने बचाई थोड़ी लाज, बाकी महीने रहे कमजोर

मानसून की चाल पूरे सीजन में बेहद असमान रही। जून में शुरुआत ही 35.4% की भारी कमी के साथ हुई। जुलाई में हालात कुछ सुधरे और बारिश सामान्य से 3.5% ज्यादा दर्ज हुई, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकी। अगस्त में फिर 15.3% की कमी आई और सितंबर के शुरुआती आठ दिनों में भी बारिश 24.4% कम रही। नतीजा यह हुआ कि जुलाई की अच्छी बारिश के बावजूद संचयी आंकड़ा सामान्य स्तर को नहीं छू सका।

एक तरफ बाढ़, दूसरी तरफ सूखे जैसे हालात

मानसून के इन 100 दिनों की सबसे बड़ी खासियत रही बारिश का असमान वितरण। असम-अरुणाचल और हिमाचल-उत्तराखंड जैसे राज्यों में भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं खड़ी कर दीं, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों जिलों में लोग बारिश की एक-एक बूंद के लिए तरसते रहे। आईएमडी के मुताबिक अगस्त अंत तक 14 राज्य और करीब 300 जिले बारिश की कमी की श्रेणी में थे, जो 8 सितंबर तक बढ़कर 16 राज्यों और 334 जिलों तक पहुंच गए।

केरल इसका सबसे बड़ा विरोधाभासी उदाहरण है, जहां भारी बारिश और भूस्खलन के बावजूद सीजन का कुल आंकड़ा करीब 22% की कमी में रहा। महाराष्ट्र के 15 जिलों में सामान्य से 75% तक कम बारिश हुई, तो कर्नाटक के 122 तालुकों में तीन हफ्तों तक बूंद तक नहीं गिरी। वहीं छत्तीसगढ़ में औसत भले सामान्य रहा हो, लेकिन कुछ इलाकों में 73% तक ज्यादा तो कुछ में 40% तक कम बारिश दर्ज हुई।

आगे की उम्मीद, बचे 36 दिनों पर टिकी नजरें

मौसम विभाग के अनुसार देश से मानसून की वापसी की सामान्य शुरुआत 15 सितंबर से होती है और यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी होती है। यानी सीजन के अभी 36 दिन शेष हैं। आईएमडी जल्द ही मानसून वापसी की वास्तविक तारीख की घोषणा करेगा। विभाग को उम्मीद है कि 12 सितंबर के बाद मध्य भारत, कोंकण, दक्षिण-पूर्वी हिस्सों और उत्तर भारत में बारिश की नई गतिविधियां शुरू होंगी, जो सीजन के आखिरी दिनों में कुछ राहत दे सकती हैं।