किसान के पास जमीन के अलावा कमाई का अन्य कोई साधन भी नहीं था। उसने जो कर्ज ले रखा था वह भी लौटाना था और अपनी इकलौती बेटी की शादी भी करनी थी।
शामली। यूपी में योगी सरकार किसानों पर कितनी मेहरबान है उसका एक उदाहरण देखने को तब मिला जब एक किसान ने कर्ज में डूबे होने के कारण खुदखुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक किसान पर बैंक का लोन बकाया था। साथ ही किसान को अपनी इकलौती बेटी की शादी की भी चिंता थी। इसलिए कर्ज के डर और बेटी की शादी की चिंता के चलते किसान ने आत्महत्या की है।
दरअसल मामला कांधला थाना क्षेत्र के कस्बा एलम का है, जहां पर हरेंद्र नाम का किसान अपने परिवार का पालन-पोषण अपनी 8 बीघा जमीन में मेहनत करके कर रहा था। वहीं किसान के लिए जमीन की कमाई से परिवार चलना मुश्किल हो रहा था। जिसके कारण किसान ने बैंक व अन्य लोगों से कुछ कर्ज भी ले रखा था। वहीं किसान के पास जमीन के अलावा कमाई का कोई अन्य साधन भी नहीं था। किसान ने जो कर्ज ले रखा था वह भी लौटाना था और अपनी इकलौती बेटी की शादी भी करनी थी।
इसलिए किसान को कर्ज अदायगी और बेटी के विवाह दोनों की चिंता सताए जा रही थी। कर्ज अदा न किए जाने और बेटी की शादी की चिंता ने किसान को बेबस कर दिया। जिसके चलते किसान को मजबूरन मौत का रास्ता चुनना पड़ा और कर्ज में डूबे एक किसान व बेबस बाप ने पेड़ से लटक कर खुदखुशी कर ली। हालांकि पुलिस इस घटना को स्वाभाविक बता रही है, जबकि किसान का शव उसके ही घेर में एक पेड़ पर लटका मिला है।
बाप की मौत के बाद क्या बोला बेटा
बेबस बाप और कर्ज में डूबे किसान हरेंद्र की मौत पर उनके बेटे रोहित का कहना है कि पिता जी के ऊपर कर्ज काफी हो रखा था और फसल भी अच्छी नहीं हुई थी। जिसके कारण उन्होंने बैंक व कुछ लोगों से कर्ज भी ले रखा था। हालांकि उन्होंने कुछ लोगों का कर्ज लौटा भी दिया था, लेकिन जिनका नहीं लौटा पाए वह लोग भी दबाव बना रहे थे। जिसके कारण वह काफी समय से बहुत टेंशन में थे। इसलिए उनसे ये सब सहन नहीं हुआ जिसके चलते उन्होंने खौफनाक कदम उठाया है।