मुजफ्फरनगर

शिवसेना क्रांति के नेताओं का बयान-कोरोना फैलाना जमातियों की सोची समझी साजिश

Highlights . दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे कई देशोंं के लोग. कई जमाती कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तलाश में जुटी थी सरकारें . अलग—अलग अस्पतालों में भर्ती जमाती मेडिकल स्टॉफ का नहीं कर रहे सपोर्ट
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Updated: 8 Apr 2020, 11:50 AM IST
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मुजफ्फरनगर। दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। देश में भी कोरोना वायरस की चैन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन किया गया है। दिल्ली के मरकज निजामुद्दीन में हुई तब्लीगी जमात की वजह से कोरोना के मरीजों की संख्या में देश में इजाफा हुआ है। जिसके बाद देशभर में जमातियों को पकड़ कर क्वारंटाइन किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में अभी तक 415 से भी ज्यादा जमातियों को चिन्हित कर क्वॉरेंटाइन किया गया है।

मुजफ्फरनगर में शिवसेना क्रांति के पदाधिकारियों ने पार्टी कार्यालय पर एक बैठक आयोजित कर जमातियों को कोरोना के जेहादी करार देते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। इस दौरान शिवसेना क्रांति के वरिष्ठ नेता मनोज सैनी ने कहा कि ये जमाती नहीं है, बल्कि जेहादी हैं। बागपत में अस्पताल से खिड़की तोड़कर फरार हुआ, वह भी तब्लीगी जमात में शामिल हुआ था। यह पॉजिटिव निकला है। मनोज सैनी ने शासन प्रशासन से मांग की है कि जमातियों ने गलत हरकत की है। उनकी यह सोची समझी साजिश है। मेडिकल स्टॉफ के साथ बदतमीजी कर सोच दिखा रहे हैं। ऐसे में ये देश के बड़ी साजिश की तैयारी में है।

इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, तभी कोरोना वायरस के मरीजों में कमी आएगी। क्रांति शिवसेना के कार्यकर्ताओं को कहा है कि आसपास कोई भी संदिग्ध दिखाई देता है तो उसके सूचना तुरंत पुलिस अफसरों को दें। अस्पतालकर्मियों के साथ जिस तरह व्यवहार कर रहे हैं। बेशर्मी तक पर ये जमाती उतरे है, जबकि डॉक्टर व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ अपनी जान जोखिम में डालकर डालकर सेवा कर रहे हैं।

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8 Apr 2020, 11:50 AM IST
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