मुजफ्फरनगर

पश्चिमी यूपी में खौफ का दूसरा नाम सुशील मूंछ ने किया सरेंडर, 1997 में दर्ज हुआ था केस

एडीजीसी दिनेश पुंडीर ने बताया कि भोपा थाने के 1997 में दर्ज हुए मुकदमे में सुशील मूंछ ने सरेंडर किया है।

less than 1 minute read
sunil_munch.jpg

मुजफ्फरनगर. अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह सुशील मूंछ एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार सुबह गैंगेस्टर के मामले में वांछित चल रहे कुख्यात सुशील मूंछ ने गैंगेस्टर कोर्ट एडीजे-5 में सरेंडर कर दिया। सुशील का खौफ लोगों में नहीं बल्कि अधिकारियों में भी बसा हुआ था। उसके एक इशारे पर अधिकारी कुर्सी छोड़ देते थे। सबसे पहले सुशील पर यूपी एटीएस ने 2012 में नकेल कसी थी। इस दौरान पुलिस ने सुशील का लगभग पूरा सरगना खत्म कर दिया था।

24 साल पुराने मामले में सुशील मूंछ ने किया सरेंडर

बता दें कि खौफ का दूसरा नाम ही सुशील मूंछ को कहा जाता है। पुलिस द्वारा मूंछ को पकड़ने के लिए दबिश दी जाती रही है, लेकिन वह हर बार पुलिस के सामने चुनौती बनकर सामने आता है। सरकार ने सालों पहले सुशील पर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया था। इसके साथ ही कुख्यात सुशील के कदम मुजफ्फरनगर में ही नहीं रूके, बल्कि उसने पूरे यूपी, उत्तराखंड के अलावा भी अपने पैर जमाने शुरू कर दिए।

सोमवार को सुशील ने 24 साल पुराने मुकदमे में गैंगेस्टर कोर्ट एडीजे-5 में सरेंडर किया। जिसके चलते एडीजीसी दिनेश पुंडीर ने बताया कि भोपा थाने के 1997 में दर्ज हुए मुकदमे में सुशील मूंछ ने सरेंडर किया है। इसके साथ ही मिली जानकारी के अनुसार पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट से सुशील को जिला कारागार ले जाया गया।

Updated on:
09 Nov 2021 02:01 pm
Published on:
09 Nov 2021 01:05 pm
Also Read
View All
मौत बनकर दौड़ा ट्रक: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत से मचा कोहराम

‘काफिर का मतलब शत्रु’, प्रवीण तोगड़िया बोले- हिंदू खतरे में है, गाजियाबाद की घटना से सबक लेना जरूरी

मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में इलाज के बदले मांगे गए ₹25000, पैसे नहीं देने पर डॉक्टर ने तोड़ा पैर, जांच का आदेश

भटक रही मां, रो रही मासूम! ₹8000 में जोड़ी थी हड्डी, बाकी पैसों के लिए सरकारी डॉक्टर ने पार की बेरहमी की सारी हदें

रॉकी की हत्या कर सिर नहर में फेंका, धड़ खेत में दबाया, मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में गिरफ्तार मोंटी का कबूलनामा