सहारनपुर-मुजफ्फरनगर और शामली में लॉकडाउन के चलते घरों में ईद की नमाज हुई और फाेर्स सड़कों पर रहा। तीनाें जिलाें में डीम और एसएसपी खुद सड़कों पर निकले।
मुजफ्फरनगर। COVID-19 virus वैश्विक महामारी के चलते ईद-उल-अजहा का त्यौहार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया। जनपद मुजफ्फरनगर में शनिवार व रविवार की साप्ताहिक बंदी के चलते ईद का त्यौहार फीका रहा। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए खुले में नमाज नहीं पढ़ी गई। कोरोना वायरस ( Corona virus) के खतरे को देखते हुए लोगों ने अपने घर में रहकर ही सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए अपने परिवार के साथ ईद की नमाज अदा की।
मुजफ्फरनगर में समस्त मुस्लिम समाज के लोगों ने जागरूकता का परिचय देते हुए सरकार के आदेशों का पालन किया और अपने घरों में ही बक़रीद की नमाज को अदा किया। आपको बता दें कि वैश्विक महामारी के चलते जिला प्रशासन जनपद के समस्त मुस्लिम समाज के लोगों से अपील कर रहा था कि सभी लोग करोना संक्रमण से बचने के लिए ईदगाह व मस्जिदों में ना जाकर अपने-अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा करें ताकि कोरोना महामारी की चैन को तोड़ा जा सके।
सहारनपुर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकािरयाें ने मुस्लिम समाज के लाेगाें से साथ मीटिंग करके उन्हे घर पर ही ईद मनाने काे कहा था। नियमाें का पालन करने के लिए कहा था। देवबंदी उलेमाओं ने भी लॉकडाउन का पालन करते हुए ईद मनाने की अपील की थी। इसी तर से शामली में ईद फीकी ही रही। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में सड़काें पर सन्नाटा रहा और यहां सिर्फ फाेर्स ही गश्त करती रही।