
मुजफफपुर पुलिस (फाइल फोटो)
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। सकरा थाना क्षेत्र के केशोपपुर गांव के वार्ड नंबर 5 के रहने वाले 32 वर्षीय अंशु कुमार की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद उनके परिवार वालों ने उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के छोटे भाई उदय सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी भाभी ने अपने पति को जहर देकर मार डाला और उसके बाद सबूत मिटाने के लिए कमरे में आग लगा दी।
यह घटना मंगलवार को हुई, जब अंशु कुमार के कमरे से धुआं निकलता देख परिवार वाले हैरान रह गए। अंशु के भाई उदय सिंह ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर घुस गए। कमरे में बिस्तर और दूसरा सामान जलकर राख हो गया था, लेकिन अंशु के शरीर पर जलने का कोई निशान नहीं था। वह वहां बेहोशी की हालत में पड़ा था। उसे तुरंत मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस को दिए गए बयान में मृतक के भाई उदय सिंह ने सीधे तौर पर अपनी भाभी स्वीटी भारती पर आरोप लगाया है। उदय का आरोप है कि उनकी भाभी ने पहले उनके भाई (अंशु) को जहर दिया और जब उनकी जान जाने लगी तो उन्होंने हत्या को एक हादसा दिखाने और जहर के किसी भी निशान को मिटाने के लिए कमरे में बिस्तर में आग लगा दी। उदय ने आगे बताया कि अंशु शारीरिक रूप से कमजोर था (दो साल पहले एक हादसे में उसका पैर टूट गया था) और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर इस अपराध को अंजाम दिया गया।
शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे एक आर्थिक वजह भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अंशु ने अपने घर के निर्माण के लिए एक बैंक से 18 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लंबे समय तक कर्ज की किस्तें न चुका पाने के कारण बैंक ने हाल ही में उसके घर पर कुर्की का नोटिस चिपका दिया था। जब से यह नोटिस लगा था पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होने लगे थे। अंशु कुछ समय से अपने ससुराल रह रहा था और रविवार को ही अपने भाई के कहने पर अपने गांव लौटा था।
मामले की गंभीरता और मृतक के छोटे भाई द्वारा लगाए गए आरोपों को देखते हुए सकरा पुलिस ने मृतक की पत्नी स्वीटी भारती को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारी रविकांत कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया में यह मामला जहर खाने का लग रहा है। कमरे के अंदर जान-बूझकर आग लगाए जाने के भी सबूत मिले हैं, जो कई सवाल खड़े करते हैं। FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की एक टीम ने घटनास्थल से जले हुए कपड़े और अन्य नमूने जमा किए हैं।
अंशु की शादी 2021 में हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। 2024 में एक दुर्घटना के बाद वह ठीक से चल-फिर नहीं पाता था। उसके परिवार वालों का कहना है कि वह कर्ज के बोझ से दबा हुआ था, लेकिन वह ऐसा इंसान नहीं था जो अपनी जान ले ले। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे यह साफ हो पाएगा की मौत कैसे हुई है। जहर खाने से या फिर धुएं मरीन दम घुटने से।
Updated on:
07 Apr 2026 07:40 pm
Published on:
07 Apr 2026 07:39 pm
बड़ी खबरें
View Allमुजफ्फरपुर
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
