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पेट्रोल पंप की आड़ में चल था देह व्यापार का धंधा! 200 रुपये में मिलता था कमरा, वीडियो वायरल होते ही पुलिस की रेड

मुजफ्फरपुर में एक वीडियो वायरल होने के बाद एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह रैकेट पेट्रोल पंप और लाइन होटल की आड़ में चलाया जा रहा था। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने छापा मारा, लेकिन आरोपी पहले ही मौके से फरार हो चुके थे।

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मुजफ्फरपुर में देह व्यापार के अड्डे पर छापेमारी करती पुलिस

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे बने लाइन होटलों और बंद पड़े पेट्रोल पंपों की आड़ में देह व्यापार का रैकेट चलाया जा रहा था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बखरी और पटियासा चौक पर स्थित एक दर्जन से अधिक जगहों पर छापेमारी की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही इस सेक्स रैकेट में शामिल आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया था कि ग्राहकों के साथ सौदे एक नाबालिग लड़के के जरिए तय किए जाते थे, जो कमरा या बिस्तर उपलब्ध कराने के लिए रसीद काटता था।

वायरल वीडियो ने खोली पोल

वायरल वीडियो से पता चलता है कि यह अवैध धंधा कितनी कुशलता से चलाया जा रहा था। ग्राहकों को लुभाने और लड़कियों को चुनने में उनकी मदद करने की जिम्मेदारी एक नाबालिग लड़के को सौंपी गई थी। वह नाबालिग लड़का पहले ग्राहकों से बातचीत करता है और उन्हें लड़कियां दिखाने तथा कमरे तक पहुंचाने का पूरा प्रोसेस समझाता है। इसके बाद ग्राहक को लड़की का चयन करना होता है।

काउंटर पर रसीद सिस्टम

जब कोई ग्राहक किसी लड़की को चुन लेता था, तो उसे होटल या पेट्रोल पंप के पिछले हिस्से में बने एक काउंटर पर जाकर अपना नाम बताना होता था और यह बताना होता था कि उसे किस तरह का कमरा चाहिए। ग्राहक की मांग और पेमेंट के आधार पर, उसकी पसंद के अनुसार उसे AC (एयर-कंडीशन्ड) या Non-AC कमरे की रसीद दी जाती थी। कमरे में प्रवेश करने के लिए उसे यह रसीद दिखानी होती थी। वीडियो के अनुसार, पेट्रोल पंप के पिछले कमरों को अवैध गतिविधियों के लिए मात्र 200 रुपये में ही उपलब्ध कराया जा रहा था।

पुलिस की छापेमारी, लेकिन हाथ खाली

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम ने अहियापुर पुलिस बल के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी की। हालांकि, इस अभियान का कोई नतीजा नहीं निकला। स्थानीय निवासियों का दावा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही होटल संचालकों को छापेमारी की जानकारी मिल गई थी। नतीजा यह हुआ कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही लड़कियां, ग्राहक और संचालक वहां से भागने में सफल रहे।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

अहियापुर के थाना प्रभारी (SHO) रोहन कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज की भी बारीकी से जांच की जा रही है। वीडियो में दिख रहे नाबालिगों और होटलों की पहचान कर ली गई है। पेट्रोल पंप संचालक और इसमें शामिल अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।