Bihar News: अपनी गर्लफ्रेंड के पति की हत्या करके उसकी बॉडी के टुकड़े-टुकड़े करके ड्रम में रखने के आरोपी सुभाष कुमार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2021 में हुई इस घटना का खुलासा एक रहस्यमयी धमाके के बाद हुआ था।
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चार साल पहले हुए एक सनसनीखेज मर्डर केस में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-16 की अदालत ने अफेयर के चलते एक महिला के पति की हत्या करने और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करके ड्रम में छिपाने के दोषी सुभाष कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर कुल 55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने हत्या के लिए उम्रकैद और 50,000 रुपये का जुर्माना और सबूत मिटाने के लिए तीन साल की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
पूरी घटना नगर थाना इलाके के बालूघाट मोहल्ले में हुई थी। मृतक राकेश सहनी दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। इसी बीच उसकी पत्नी राधा देवी का सिकंदरपुर के अखाड़ा घाट बांध रोड निवासी सुभाष कुमार से अफेयर शुरू हो गया। जब राकेश को इस नाजायज रिश्ते के बारे में पता चला तो उसने इसका विरोध किया। यही विरोध उसकी मौत का कारण बन गया।
राधा और सुभाष ने मिलकर राकेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। राधा ने बहाने से राकेश को दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया। जैसे ही राकेश अपने किराए के कमरे पर पहुंचा, सुभाष और उसके साथियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए सुभाष ने जो किया वह किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह था। सुभाष ने राकेश की बॉडी के कई टुकड़े किए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में भर दिया। बॉडी की पहचान मिटाने और उसे पूरी तरह गलाने के लिए ड्रम में ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और भारी मात्रा में नमक मिलाया। फिर आरोपी कमरे को बाहर से बंद करके भाग गए।
राकेश की हत्या के बाद जब वो कुछ दिनों तक नहीं दिखा, तो उसकी पत्नी राधा ने लोगों को बताया कि वह कहीं बाहर गया है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस कमरे में राकेश के शव के टुकड़े ड्रम में बंद थे, उसी कमरे में 18 सितंबर, 2021 की रात अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस चौंकाने वाली हत्या का खुलासा तब हुआ जब फायर ब्रिगेड आग बुझाने पहुंची। अगले दिन पुलिस ने एक ड्रम से लाश के जले हुए टुकड़े बरामद किए।
घटना के बाद, सुभाष और राधा नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 22 सितंबर, 2021 को सुभाष कुमार को रेलवे स्टेशन से अरेस्ट कर लिया, जब वह राधा के साथ भागने की कोशिश कर रहा था। मृतक के भाई दिनेश साहनी ने इस मामले में राधा देवी, उसकी बहन, उसके जीजा और सुभाष के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने कोर्ट के सामने सारे सबूत और गवाह पेश किए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पुलिस द्वारा जब्त सामान, फोरेंसिक सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर, कोर्ट ने सुभाष को दोषी ठहराया। कोर्ट ने माना कि हत्या पहले से प्लान की गई थी और सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। कोर्ट ने सुभाष को आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या और धारा 201 के तहत सबूत मिटाने का दोषी पाया।
इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी पर हत्या के लिए उम्रकैद और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सबूत नष्ट करने की सजा तीन साल की जेल और 5,000 रुपये का जुर्माना है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर जुर्माना नहीं भरा जाता है तो सजा बढ़ाई जा सकती है, लेकिन दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।