नागौर

7 साल के बच्चे ने दिखाया हौसला और ईमानदारी

बच्चे को रास्ते में मिले थे रुपए, थाने में करवाए जमा
2 min read
• •
Updated: 28 Nov 2017, 10:47 PM IST
brave boy
honesty

डीडवाना.ईमानदारी का कोई मोल नहीं होता। इंसान का ईमान और ज़मीर ही वो दौलत है, जो कहीं भी बिकता नहीं है। ग्राम खुनखुना के 7साल के बच्चे दक्षेस शर्मा ने भी ईमानदारी की मिसाल कायम कर अपने पुख्ता ईमान का परिचय दिया है।
खुनखुना में ही कक्षा 7 में पढऩे वाले दक्षेस को रास्ते में २०० रुपए मिले थे, जिसे उसने थाने में जमा करवा दिए। भले ही इन रुपए की कीमत आज के दौर में अधिक नहीं है, मगर दक्षेस की ईमानदारी सबके दिल को छू गई। इस मौके पर खुनखुना सरपंच बिलाल खान कोटवाल भी दक्षेस की ईमानदारी से प्रभावित हुए और उन्होंने पंचायत भवन में दक्षेश को माला पहनाकर 1100 रुपए नकद का इनाम दिया साथ ही उसे गणतंत्र दिवस के मौके पर पंचायत के सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मानित करने का भी ऐलान किया। इस मौके पर तारू खान कोटवाल, राजेंद्र पारीक, शेरू खान, अमजद खान, महावीर शर्मा आदि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है की दक्षेस के पिता प्रदीप शर्मा व मां सीता शर्मा बंगाल रहते हैं। जबकि दक्षेस खुनखुना में अपने दादा दादी के साथ रहता है।

थाने पहुंचकर जमा करवाए रुपए
दरअसल सोमवार की शाम को दक्षेस स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान उसे रास्ते में 200 रुपए मिले। इस पर दक्षेस वे रुपए लेकर सीधे खुनखुना थाना चला गया। जहां उसने एएसआई पूनमचंद विश्नोई के सुपुर्द कर दिए और कहा कि ‘सर मुझे यह 200 रुपए रास्ते में मिले है, यह जिसके भी है, उसे आप दे देना’।

पुलिस से तो चोर डरते हैं
इस दौरान ग्रामीणों ने जब दक्षेश से पूछा की वो थाने गया तो उसे डर नही लगा। इस पर दक्षेश ने मासूमियत से कहा कि ‘अंकल पुलिस से चोरों को डर लगता है, ईमानदारों को नहीं और मैने जब कुछ गलत किया ही नहीं तो मुझे डर किस बात का’।

ईमानदारी के साथ दिखाया हौसला
दक्षेस की ईमानदारी और हौसले से खुनखुना थाना प्रभारी शंभुदयाल मीणा व एएसआई विश्नोई बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हमने अपने सेवाकाल में ऐसा बच्चा नहीं देखा जो बिना किसी हिचक के थाने आ गया और रास्ते में मिले 200 रुपए जमा करवाकर अपनी ईमानदारी का परिचय दिया। जबकि खुनखुना सरपंच बिलाल खान कोटवाल ने कहा कि दक्षेस को मिली रकम अधिक नहीं थी लेकिन दक्षेस की ईमानदारी बहुत बड़ी थी। इसके अलावा बेझिझक थाने जाकर उसे पुलिस में जमा करवाना काबिले तारीफ है।

Published on: