
ग्वार-असालिया भी चमके, सौंफ के भाव में तेजी; चमकी मूंग में गिरावट, कुछ जिंसों के भाव स्थिर
नागौर. कृषि उपज मंडी में बीते 10 दिन में जिंसों के भाव ने किसानों के मुनाफे का गणित बदल दिया है। जीरा और सौंफ के औसत भाव में 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आई है। ग्वार और असालिया भी 1 हजार 300 रुपए तक महंगे हुए हैं। इसबगोल, दाणा मेथी, मोठ और सफेद तिल के भाव में भी उछाल आया है। दूसरी ओर विराट चमकी मूंग के भाव में गिरावट से किसानों को मायूसी हाथ लगी है। 6 से 16 अक्टूबर के मंडी भावों की तुलना में जीरे का अधिकतम भाव 27 हजार 300 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
जीरा-सौंफ के भाव में सबसे ज्यादा तेजी
नागौर मंडी में जीरे का औसत भाव 6 अक्टूबर को 23 हजार रुपए प्रति क्विंटल था, जो 16 अक्टूबर को बढकऱ 25 हजार रुपए हो गया। इसका अधिकतम भाव भी 24 हजार 500 से बढकऱ 27 हजार 300 रुपए पहुंच गया। सौंफ का औसत भाव 11 हजार से बढकऱ 13 हजार रुपए प्रति क्विंटल हो गया। दोनों जिंसों में 2 हजार रुपए की तेजी दर्ज की गई। इन जिंसों के उत्पादक किसानों को पहले के मुकाबले बेहतर भाव मिलने से राहत मिली है। जिंसों में ग्वार का औसत भाव 6 हजार 200 से बढकऱ 7 हजार 500 रुपए और असालिया का 6 हजार 300 से बढकऱ 7 हजार 600 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। दोनों में 1 हजार 300 रुपए की बढ़ोतरी हुई। इसबगोल का भाव 14 हजार से बढकऱ 15 हजार रुपए, दाणा मेथी का 6 हजार 200 से 7 हजार 200 रुपए, मोठ का 6 हजार 500 से 7 हजार 500 रुपए और सफेद तिल का 11 हजार से बढकऱ 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल हो गया। इन जिंसों में भी 1 हजार रुपए की तेजी रही। इसी तरह से विराट चमकी मूंग का औसत भाव 8 हजार 800 से घटकर 8 हजार 700 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इसका अधिकतम भाव भी 9 हजार 50 से घटकर 8 हजार 850 रुपए हुआ। सामान्य मूंग का भाव 8 हजार 200 से बढकऱ 8 हजार 300 रुपए रहा। तारामीरा में 550 रुपए और चने में 300 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आई। सरसों (रायड़ा) का 40 प्रतिशत तेल की मात्रा वाला भाव 8 हजार 300 से बढकऱ 8 हजार 400 रुपए रहा। भवों के उतार-चढ़ाव के क्रम में सिंधी सुवा का औसत भाव 7 हजार 500 रुपए, ज्वार का 5 हजार 500 रुपए और काले तिल का 10 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। इन जिंसों के भाव नहीं बढऩे से तेजी की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को फिलहाल राहत नहीं मिली। मंडी कारोबारियों में पवन भट्टड़ एवं कृषि मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष मूलचंद भाटी के अनुसार आगामी दिनों में आवक और मांग के आधार पर भावों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जीरा, सौंफ और ग्वार के भाव पर विशेष नजर रहेगी। बाहर की मंडियों के भाव और खरीद की स्थिति भी बाजार की दिशा तय करेगी। हालांकि आगे तेजी आएगी या मंदी, इसका अनुमान मौजूदा स्थिति में लगाना जल्दबाजी होगी।
नागौर. कृषि उपज मंडी में लगी ढेरियां