
नागौर. लम्बे इंतजार व हजारों-लाखों लीटर जल की बर्बादी के बाद आखिरकार गुरुवार को बालवा रोड स्थित आवासन मंडल कॉलोनी में लीकेज सुधार का कार्य शुरू हो गया। कॉलानी में लम्बे समय से सप्ताह या पखवाड़ा में एकाध बार की जा रही जलापूर्ति के दौरान पानी लोगों के घरों में कम बल्कि सडक़ों पर ज्यादा बह रहा था। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 11 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित कर जल बर्बादी की ओर नगर परिषद प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया था। हरकत में आए अधिकारियों ने कार्यादेश जारी किए व गुरुवार को ठेकेदार के कर्मचारी लीकेज दुरुस्त करने पहुंचे। एक दो दिन में कॉलोनी में सारे लीकेज ठीक होने से पानी की बर्बादी नहीं होगी।
ठेकेदार की लापरवाही उजागर
कॉलोनी में पानी की पाइपलाइन डालने में ठेकेदार की लापरवाही भी सामने आई है। ठेकेदार के आदमी जब लीकेज ठीक करने पहुंचे तो उनको अंतिम छोर पर पाइप खुले मिले यानी लाइन को कैप लगाकर बंद नहीं किया गया था। जिसकी वजह से डामर की सडक़ तक उखड़ गई। वहीं एक अन्य स्थान पर पाइप लाइन में मकानों में फर्श पर लगाई जाने वाली टाइल आड़े देकर सीमेंट व कांक्रीट भर दिया गया, जिसकी वजह से पानी आगे के घरों में नहीं जा रहा था और पानी के दबाव के चलते पाइप के दोनों छोर से पानी निकलकर बह रहा है। आलम यह है कि ब्लॉक संख्या एक में कई मकानों के सामने ठेकेदार पानी की लाइन डालना ही भूल गया।
अवैध कनेक्शनों पर विभाग की नजर
आवंटियों की शिकायतों का निवारण करने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया था कि जो आवंटी बिजली-पानी कनेक्शन लेंगे या मकान में रहवास करने का शपथ पत्र देंगे उनके मकानों की मरम्मत की जाए, ताकि आवंटी रहना शुरू कर सके। आवंटी हाउसिंग बोर्ड से एनओसी लेकर पानी कनेक्शन के लिए जलदाय विभाग में आवेदन कर सकता है। कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहे लोगों द्वारा किए गए सभी कनेक्शन हटाकर नियमानुसार उनसे जुर्माना वसूला जाएगा व कलक्टर के आदेशानुसार एफआईआर भी दर्ज करवाई जा सकती है।