
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस-भाजपा के बाद सबसे अधिक 9 लाख, 46 हजार, 203 वोट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने लिए हैं। भाजपा ने सबसे अधिक 41.69 प्रतिशत वोट लेकर 200 में से 115 सीटें जीती हैं तो कांग्रेस ने 39.53 प्रतिशत वोट लेकर 69 सीटें जीती हैं।
दोनों के वोट प्रतिशत का अंतर मात्र 2.16 प्रतिशत है, लेकिन सीटों का अंतर 46 है। प्रदेश भर में पड़े 3 करोड़, 92 लाख, 11 हजार 399 वोटों में से दोनों प्रमुख पार्टियों ने 3 तीन करोड़, 21 लाख, 92 हजार 734 वोट लिए। वोट लेेने में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे स्थान पर रही रालोपा ने 2.39 प्रतिशत मत प्राप्त किए हैं, जबकि सीट एक ही जीत पाई।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से एक महीने पहले हनुमान बेनीवाल ने रालोपा का गठन किया था और पहले ही चुनाव में 3 सीट खींवसर, मेड़ता व भोपालगढ़ को फतह किया था। इस बार रालोपा ने प्रत्याशी भी अधिक उतारे और चुनाव प्रचार भी जोर-शोर से किया। सभाओं और रैलियों में भीड़ भी उमड़ी, लेकिन वो भीड़ वोटों में नहीं बदल पाई।
वोट कम, पर सीट ज्यादा जीती
प्रदेश में रालोपा से कम वोट लेने वाली पर्टियां भी सीटें जीतने में आगे रही हैं। बसपा ने 1.82 प्रतिशत मत लिए, लेकिन दो सीटें जीती। इसी प्रकार भारत आदिवासी पार्टी ने तीन सीटें जीती हैं। पिछले चुनाव में आरएलपी का वोट शेयर कम था, पर सीटें अधिक थी। इस बार वोट शेयर तो बढ़ा, लेकिन सीटें कम हो गई।
किस पार्टी ने कितने वोट लिए
भाजपा ने - 1,65,24,787
कांग्रेस ने - 1,56,67,947
आरएलपी - 9,46,203
बसपा - 7,21,037
बसपा को बड़ा नुकसान
2018 के चुनाव में प्रदेश की छह सीटें जीतने वाली बसपा को 14 लाख, 35 हजार 858 वोट (4.08 प्रतिशत) मिले थे, लेकिन जीतने के बाद बसपा के सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस बार बसपा के दो विधायक ही जीत पाए और वोट शेयर भी आधे से कम हो गया।