
नागौर. कोविड से उपजी कठिन हालात का फायदा काश्तकारों को मिला है। दौरान-ए-कोविड किसानों को सहकारी भूमि विकास बैंक की ओर राहत पहुंचाने की नीयत से एकमुश्त समझौता योजना एवं पांच प्रतिशत अनुदान योजना में समय सीमा बढ़ाकर राहत पहुंचाई गई। इसी तरह से इस बार बैंक का लक्ष्य 1400 लाख ऋण का वितरण था, लेकिन वितरण 1110.55 लाख रुपए ही किया जा सका। निर्धारित लक्ष्य से 79.32 प्रतिशत पर आंकड़ा जाकर स्थिर हो गया। बैक के अधिकारियों का कहना है कि योजनागत ऋण वितरण में पात्रों की स्क्रीनिंग कर ऋण वितरण दिया गया, ताकी कोई पात्र इस सुविधा से संचित न रह सके। बैंक की ओर से दोनों योजनाओं में एक हजार से पात्र ऋणियों को लाभ दिया गया। बैंक प्रशासन के अनुसार पहले एकमुश्त समाधान योजना की तिथि 31 मार्च थी, लेकिन बाद में कोविड के चलते इसे 30 जून तक बढ़ा दिया गया। इसी तरह से पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना में भी किसानों को राहत दी गई। वर्ष 2020-21 में एकमुश्त समझौता योजना में कुल 740 प्रकरण थे। इसकी स्क्रीनिंग करने के पश्चात इनमें से 198 पात्र ऋणियों को 89.75 लाख रुपए की राहत दी गई। वर्ष 2020-21 में पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना में भी किसानों को 67.89 लाख की राशि का फायदा मिला। इनमें शामिल 831 पात्र ऋणियों को निर्धारित मापदंडों के तहत 67.89 लाख के राशि की राहत मिली।
इनका कहना है...
कोविड के दौरान उपजी कठिन स्थितियों को देखते हुए एकमुश्त समझौता योजना एवं पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना में एक हजार से पात्र ऋणियों को लाभ पहुंचा गया है।
जयपाल गोदारा, सचिव, जिला नागौर सहकारी भूमि विकास बैंक