
गोटन पुलिस थाना। फोटो: पत्रिका
नागौर। विवाहिता से आपत्तिजनक बातचीत व वीडियो कॉल के जरिए हरकत करने के आरोप में गिरफ्तार तत्कालीन गोटन तथा हाल जसनगर थाना के एएसआई रामनिवास को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। पीड़िता ने हाल ही में नागौर के एएसपी आशाराम चौधरी के समक्ष पेश होकर मदद की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एएसआई उसे लगातार परेशान कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गोटन थाने में एएसआई रामनिवास के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार महिला ने उसके खिलाफ एएसपी आशाराम चौधरी के सोमवार को परिवाद दिया था। उसके आधार पर दर्ज रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह अपने मकान में अकेली रहती थी। पति की ओर से परेशान करने पर वह मदद के लिए नागौर जिले के गोटन थाने पहुंची। वहां पर तैनात एएसआई रामनिवास इनाणिया ने उसके परिजनों को महिला को परेशान नहीं करने की हिदायत दी।
महिला का आरोप है कि इसके बाद एएसआई ने उसका मोबाइल नंबर लिया और जांच के बहाने उसे नजदीकियां बढ़ाने लगा। जांच के नाम पर एएसआई ने लगातार फोन करना शुरू कर दिया। शुरुआत में वह उसके हालचाल पूछता था, लेकिन बाद में कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें करके परेशान करने लगा और अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाब डालने लगा। विरोध करने पर आरोपी उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देता था। आरोप है कि एएसआई व्हाट्सऐप पर महिला को आपत्तिजनक फोटो भी भेजता था।
गत 17 जुलाई को आरोपी एएसआई ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल कर आपत्तिजनक बातें की। महिला ने वीडियो व वॉयस रिकॉर्डिंग भी नागौर एएसपी के समक्ष दायर परिवाद के साथ पेश की। एएसपी के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोप एएसआई को मंगलवार को गिरफ्तार किया। इसके बाद बुधवार को न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग की भी जांच जारी है।
Updated on:
20 Aug 2026 09:27 am
Published on:
20 Aug 2026 09:27 am
