
नागौर जिले के खींवसर कस्बे में बालिका शिक्षा की हमेशा हिमायती रही खींवसर कस्बे की निवासी इन्दिरा देवी तो अब नहीं रही, लेकिन उनकी पुत्रवधु उनके सपने को साकार करने को आगे आई है। उन्होंने कस्बे की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राजकीय बालिका सीनियर विद्यालय भवन का नव निर्माण कराने के लिए २ करोड़ ३८ लाख रुपए की लागत का प्रोजेक्ट तैयार करवा कर सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार से मंजूरी मिल गई है। शीघ्र ही बालिकाओं के लिए मॉडल विद्यालय भवन तैयार करवाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार विद्यालय क्रमोन्नति के बाद अपर्याप्त भवन के कारण बालिकाओं को परेशानी होती थी । यह देखते हुए जोधपुर के इन्दिरा देवी जेठमल राठी ट्रस्ट ने बालिका विद्यालय के लिए आधुनिक भवन बनाने की सरकार से स्वीकृति मांगी । आचार संहिता के चलते स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। अब राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने ट्रस्ट को स्वीकृति जारी की है। मुख्य ट्रस्टी श्वेता राठी, जितेन्द्र राठी, विवेक मुन्दड़ा, मधु मुन्दड़ा व सुनिल राठी की ओर से शीघ्र ही विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
यह होगी सुविधाएं
इस विद्यालय भवन में आधुनिक शौचालय, प्याऊ व सुविधा उपयुक्त फर्नीचर लगाया जाएगा। १५ कक्षा कक्ष, एक प्रधानाचार्य कक्ष, कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, एक आर्ट व क्राफ्ट कक्ष, पुस्तकालय तथा स्वागत कक्ष बनाया जाएगा।
भामाशाह के नाम होगा नामकरण
भवन बनाने वाले भामाशाह के नाम पर ही विद्यालय का नामकरण किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति तथा ग्राम पंचायत की अनापत्ति मिलने पर , शिक्षा परिषद ने भी मंजूरी दी है। शिक्षा परिषद ने ८ फरवरी को प्रोजेक्ट स्वीकृति के आदेश जारी किए। इस संबंध में मुख्य ट्रस्टी श्वेता राठी का कहना है कि खींवसर उनका पैतृक गांव है सास का सपना था कि बालिकाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे आए। उनके सपने को पूरा करने के लिए यह भवन बनाने का निर्णय किया है।
ग्रामीणों ने किया प्रेरित
बालिका विद्यालय में सुविधाओं की कमी को देखते हुए जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भामाशाह से सम्पर्क कर विद्यालय भवन निर्माण के लिए उन्हें प्रेरित किया था। भामाशाह ने २ करोड़ ३८ लाख की लागत से सम्पूर्ण सुविधा युक्त अत्याधुनिक विद्यालय भवन बनाने की स्वीकृति मांगी थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से इसकी मंजूरी मिल गई है।