नागौर

खींवसर विधायक बेनीवाल पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम, सांडवा थाने में मामला दर्ज

चूरू के सांडवा थाना क्षेत्र के रेड़ा गांव से हथियारबंद युवक को ग्रामीणों ने दबोचा, अंधेरे का फायदा उठाकर भाग छूटे आरोपित
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May 14, 2018
mla hanuman beniwal
Beniwal said - Political scenario will change in Rajasthan after raily

नागौर. खींवसर से निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल पर एक बार फिर हमले की बड़ी साजिश नाकाम हुई है। इससे पहले बेनीवाल पर जयपुर के झोटवाड़ा में कुछ युवकों ने हमला किया था। घटना रविवार रात की है जब विधायक बेनीवाल चूरू जिले के सांडवा थाना क्षेत्र के रेड़ा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।
जानकारी के अनुसार रेड़ा गांव स्थित वीर तेजाजी के मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। रात करीब 11 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के दौरान ग्रामीणों ने एक युवक के पास बंदूक देखी तो उसे दबोच कर पूछताछ की, जिस पर उसने बताया कि कुछ युवक उसे बंदूक देकर गए थे। उनकी साजिश विधायक बेनीवाल पर हमला करने की थी। ग्रामीणों ने युवक को हथियार सहित पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद विधायक बेनीवाल ने चूरू एसपी को फोन कर घटना की जानकारी दी।

गृहमंत्री खुद मजबूर, हम जानते हैं
प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। मुझ पर इससे पहले भी जयपुर में हमला हो चुका है, सरकार के कुछ लोग जानबूझकर ऐसा करवा रहे हैं। मैं अपनी सुरक्षा के लिए सरकार से भीख नहीं मांगूंगा। हमें पता है प्रदेश के गृह मंत्री खुद मजबूर हैं, लेकिन सरकार की यह तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।
- हनुमान बेनीवाल, विधायक, खींवसर

सांडवा थाने में मामला दर्ज
चूरू के सोनियासर उदयकरणावतान निवासी तिलोकसिंह पुत्र मोटाराम जाट ने सोमवार को सांडवा थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि 13 मई को रात 11 बजे रेड़ा गांव में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विधायक हनुमान बेनीवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम ज्यों ही पूरा हुआ भानसिंह पुत्र अभयङ्क्षसह रेड़ा, शेरसिंह पुत्र तेजमालसिंह निवासी साजनसर, अजीतसिंह पुत्र मदनसिंह रेड़ा, राजूसिंह पुत्र विजयसिंह, कैलाश पुत्र भंवरलाल सांसी सहित तीन चार अन्य लोगों ने जिनके हाथों में हथियार थे, एक राय होकर अचानक हवाई फायर किए, जिसकी वजह से दहशत का माहौल पैदा हो गया। अफरा तफरी में लोग भागने लगे, तभी श्रीराम जाखड़ तथा अन्य लोगों ने कैलाश सांसी को बंदूक सहित दबोच लिया, जबकि अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। तिलोकसिंह ने बताया कि यदि हमलावरों को काबू में नहीं करती तो विधायक को जान माल का नुकसान हो सकता था और प्रदेश में जातीय हिंसा फैलने का पूरा अंदेशा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया तथा अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है।

Published on:
14 May 2018 10:25 pm