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नागौर में मसाला उद्योग को पंख लगाने की तैयारी, जल्द होगी बायर-सेलर मीट

मसाला बोर्ड की गतिविधियों का होगा विस्तार, स्थानीय किसानों व मसाला व्यापारियों को मिलेगा फायदा
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former PM Vajpayee made India nuclear power- minister CR Choudhary

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नागौर. नागौरी पान मैथी की खुशबू की तरह जिले के मसाला उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में नागौर के मसालों की खुशबू देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी महक बिखेरते नजर आएंगे। जिला मुख्यालय पर फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने की योजना पिछले काफी समय से चल रही है, अब यहां मसाला पार्क विकसित करने के भी प्रयास तेज हो गए हैं, ताकि नागौर की मैथी के साथ जीरा, ईसबगोल, सौंफ सहित अन्य मसालों के उत्पादन के साथ गुणवत्ता, विपणन तथा निर्यात पर ध्यान दिया जा सके।

नागौर के मसाला उद्योग को पंख लगाने की शुरुआत की है नागौर सांसद व केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने। मंत्री चौधरी ने अपने मंत्रालय के अधीन मसाला बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपनी गतिविधियों का विस्तार नागौर क्षेत्र में भी करें। गौरतलब है कि भारत में मसालों के उत्पादन, गुणवत्ता, विपणन तथा निर्यात के लिए काम कर रहे केन्द्रीय संस्थान का मुख्यालय कोचीन (केरल) में है। मंत्री चौधरी ने यह भी बताया कि किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए शीघ्र ही क्रेता-विक्रेता सम्मेलन (बायर-सेलर मीट) भी आयोजित करवाया जाएगा, जिससे किसान अपनी फसल सीधे ही बड़ी कम्पनियों तथा निर्यातकों को विक्रय कर सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे
मसाला बोर्ड की गतिविधियों के नागौर क्षेत्र में विस्तार से यहां के मसालों विशेषकर जीरा, मैथी दाना तथा पान मैथी को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी तथा स्थानीय किसानों को उत्तम गुणवत्ता के मसालों के उत्पादन तथा उत्पादन पश्चात देखभाल (पोस्ट हारवेस्ट मैनेजमेंट) के वैज्ञानिक तरीके सिखाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

ऑर्गेनिंग फार्मिंग पर देंगे जोर
मसाला उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जीरा व मैथी की खेती करने वाले किसानों को जैविक कृषि (आर्गेनिक फार्मिंग) के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना लागू की जाएगी, जिससे किसानों को जैविक कृषि करने पर विशेष आर्थिक अनुदान तथा उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा। किसानों को मसाला फसलों में उपयोग के लिए कृषि उपकरण (थ्रेसर) खरीद के लिए प्रति किसान 60 हजार रुपए के अनुदान का प्रावधान भी है।

कृषि कॉलेज में खोलेंगे मसाला शोध संस्थान
केन्द्रीय मंत्री चौधरी ने बताया कि नागौर में एक मसाला पार्क स्थापित करने तथा स्थानिय कृषि महाविद्यालय में मसाला शोध संस्थान की स्थापना करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिस पर काम चल रहा है। इसके साथ ही मसाला बोर्ड तथा मसाला विकास प्राधिकरण के प्रबंधन में भी स्थानीय व्यापारियों व किसानों को सदस्य के रूप में मानोनीत करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। योजनाओं का लाभ किसानों को दिलवाने के लिए शीघ्र ही एक शिविर का आयोजन किया जाएगा। चौधरी के अनुसार इन सभी योजनाओं से वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुना करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी।