नागौर

कार्य धीमी प्रगति पर: 100 की रफ्तार वाले फोरलेन का रेंग रहा प्रोजेक्ट

बीकानेर-जोधपुर फोरलेन: डेढ़ साल पहले स्वीकृति, अभी तक वर्क ऑर्डर तक नहीं। इस पर 2752 करोड़ रुपए की लागत प्रस्तावित है। यह 20 साल की गारंटीशुदा होगी सड़क।
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Sep 28, 2026
जोधपुुर-नागौर हाइवे पर जगह-जगह इस तरह क्षतिग्रस्त है सड़क।
जोधपुुर-नागौर हाइवे पर जगह-जगह इस तरह क्षतिग्रस्त है सड़क।

दिनेश कुमार स्वामी @ नागौर. बीकानेर से जोधपुर के बीच एनएच-62 फोरलेन में तब्दील होने पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहनों को दौड़ने वाली सड़क मिलने में अभी लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने जोधपुर से नागौर के हिस्से के लिए डेढ़ साल पहले स्वीकृति जारी की लेकिन, वर्क ऑर्डर अभी तक जारी नहीं हुआ है। करीब तीन महीने पहले मंत्रालय ने नागौर से बीकानेर तक के हिस्से की भी वित्तीय स्वीकृति जारी कर रखी है। कुल 212 किलोमीटर फोरलेन पर 2752 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होंगे।

अब एनएच-62 बीकानेर से जोधपुर तक फोरलेन करने का कार्य होना है। यह कार्य होने पर वाहनों को 100 किमी की रफ्तार वाली क्षमता की सड़क मिल जाएगी। इससे दोनों संभाग मुख्यालयों के बीच की दूरी पूरी करने में करीब डेढ़ घंटे का समय बचने लगेगा। फोरलेन के इस हिस्से में 20 से अधिक फोरलेन ओवरब्रिज होने से इस पर पड़ने वाले कस्बों और गांवों को पार करने की राह सुगम हो जाएगी। नागौर शहर में आने की बजाए फोरलेन बाइपास से वाहन निकल सकेंगे।

वित्तीय स्वीकृति जारी हुए भी तीन महीने

जोधपुर-नागौर तक का प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल पहले मार्च 2025 में स्वीकृत किया गया लेकिन, धरातल पर उतारने में लम्बा वक्त गुजर गया है। दूसरी तरफ नागौर से बीकानेर तक के हाइवे के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी हुए भी तीन महीने हो गए है। हालांकि विभाग के अधिकारी इस मार्ग से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य कार्य शुरू किए जा चुके होने की बात कहते है। संवेदक फर्म तय होने के बाद अब सिर्फ वर्क ऑर्डर जारी होने शेष बताए जा रहे है।

20 साल की गारंटी का प्रावधान

प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आवागमन के लिहाज से यह हाइवे बेहद महत्वपूर्ण है। बीकानेर से नागौर तक 109 और नागौर से जोधपुर तक 103 किमी फोरलेन इस सड़क की 20 साल की गारंटी का प्रावधान भी रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनने वाली इस सड़क में आधुनिक तकनीक और इंजीनियरिंग का उपयोग होगा। नागौर से जोधुपर के बीच 14 ओवरब्रिज, 26 किमी आरसीसी नाला, आठ फीट चौड़े डिवाइडर बनेगा।

नागौर टू जोधपुर: कार्य धीमी प्रगति पर

नागौर-जोधपुर रोड पर नेतड़ा तक 87 किमी और बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को मिलाने वाले 16 किमी के बायपास की स्वीकृति जारी सड़क परिवहन मंत्रालय ने मार्च 2025 में जारी की। इस पर कुल 1393.34 करोड़ रुपए खर्च होने है। करीब डेढ़ साल से प्रोजेक्ट औपचारिकताओं में अटका है।

बीकानेर टू नागौर: टेंडर प्रक्रिया शुरू

वर्तमान में दो लेन एनएच-62 का 109.24 किमी नागौर से बीकानेर तक फोरलेन बनेगा। केन्द्रीय मंत्रालय ने जून 2026 में 1359.31 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की। यहां प्रतिदिन 14 हजार पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) वाहन आवागमन है। विभाग ने 24 सितम्बर को इसके लिए 1100.69 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है।

सड़क जर्जर होने से आए दिन हो रहे हादसे

नागौर-जोधपुर के बीच वर्तमान टू लेन हाइवे की सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। इसके बावजूद 70 किलोमीटर के दायरे दो जगह (टांकला व नेतड़ा) टोल वसूला जा रहा है। करीब तीन साल से वाहन चालक गड्ढ़ों व टूटी सड़क से परेशान हैं। कई बार जानलेवा हादसे भी हो चुके हैं।

स्वीकृति पत्र प्रक्रियाधीन

नागौर-जोधपुर फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और स्वीकृति पत्र (एलओए) की प्रक्रिया चल रही है। हमारा प्रयास है कि इस कार्य को यथाशीघ्र शुरू करवाया जाए।

- अनिल धौलिया, एक्सईएन, एनएच, नागौर खंड

Updated on:
28 Sept 2026 02:35 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:35 pm