भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि खींवसर में बार- बार उप चुनाव हो रहे हैं। इस परिपाटी को समाप्त करना है यह बात प्रत्येक कार्यकर्ता ने ठान ली है। वे खींवसर के लालावास स्थित संकट मोचन धाम पर आयोजित भाजपा संगठन की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। राठौड़ ने कहा कि विधानसभा चुनाव […]
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि खींवसर में बार- बार उप चुनाव हो रहे हैं। इस परिपाटी को समाप्त करना है यह बात प्रत्येक कार्यकर्ता ने ठान ली है। वे खींवसर के लालावास स्थित संकट मोचन धाम पर आयोजित भाजपा संगठन की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। राठौड़ ने कहा कि विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा की हार का बिल्कुल कम अंतराल रहा था। इस बार पूरी तैयारी के साथ उप चुनाव लड़ेंगे और विजयी भी होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में सब काम रीति एवं नीति से होता है। दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश के नेता भारत की बुराई करे उस देश में हमारे नेता जाकर मिले ऐसे नेता को लोग स्वीकार करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उप चुनाव हमारा स्वाभिमान है और इसे बनाए रखने के लिए हमें जी जान से जुटकर कमल खिलाना है। बैठक से पहले प्रदेशाध्यक्ष राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल, प्रदेश सह प्रभारी विजया राहटकर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़, संयोजक उम्मेदसिंह राजपुरोहित सहित प्रदेश पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का शुभारम्भ किया। इसके बाद संगठन की चार चरणों में बैठक हुई। प्रथम चरण में प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों, प्रदेश कार्य समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। दूसरे चरण में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विस्तारकों, मण्डल अध्यक्षों के साथ बैठक हुई। तीसरे चरण में बूथ स्तरीय अध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें संगठन को मजबूत करने एवं आगामी उपचुनाव को लेकर जीतने का मूल मंत्र कार्यकर्ताओं को बताया।
अंदर बैठक, बाहर प्रत्याशी दौड़ में शामिल नेताओं में दिखा गुस्सा
प्रदेशाध्यक्ष सहित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी उप चुनाव को लेकर बंद कमरे में संगठन की मजबूती पर चर्चा कर रहे थे। उस दौरान बाहर बैठे प्रत्याशी दौड़ में शामिल आधा दर्जन नेताओं में गुस्सा। वे अपने आप को प्रभावशाली बताने को आतुर नजर आए। अपने समर्थकों के साथ खुद को जिताऊ प्रत्याशी पेश करने के लिए बैठक में जा रहे थे, लेकिन उन्हें संगठन की बैठक बताते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया तो उनमें अधिक रोष फैल गया। कई जनों का आरोप था कि कुछ नेता जो प्रत्याशी दौड़ में शामिल हैं और पदाधिकारी नहीं है उसके बाद भी उन्हें बैठक में शामिल किया गया, जबकि वो पार्टी के पदाधिकारी नहीं होने के बावजूद संगठन की मजबूती की दिशा में काम करते हैं। इसके बाद भी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। पार्टी बंद कमरे में एकजुटता का संदेश दे रही थी तो बाहर बगावती तेवर साफ दिखाई दे रहे थे। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ एवं प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने प्रत्येक पदाधिकारी से प्रत्याशी कैसा होना चाहिए। कौन खींवसर में भाजपा को विजय दिला सकता है जैसे प्रश्न पूछे ओर फीडबैक लिया। साथ ही खींवसर में संगठन संगठन कमजोर बताते हुए चिंता जताई।