
कुचामनसिटी. कुचामन उपनिदेशक कार्यालय क्षेत्र की छह तहसीलों में 60 प्रगणकों को तीन माह के भीतर पशुधन की गणना करनी होगी। जबकि क्षेत्र की छह तहसीलों में बड़ी संख्या में पशुधन है। पिछली पशुगणना में बड़े पशु ही साढ़े चार लाख की संख्या में थे। इसके अलावा छोटे पशु अलग से थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने कम प्रगणक कैसे लाखों पशुधन की गणना करेंगे। जानकारी के मुताबिक विभाग ने एक अक्टूबर से पशुगणना का कार्य शुरू किया है। हालांकि एक से छह अक्टूबर तक कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से कार्य काफी प्रभावित रहा। इधर, कर्मचारियों के पास एफएमडी (खुरपका-मुंहपका टीकाकरण) की जिम्मेदारी है। यह कार्य कर्मचारियों को 15 अक्टूबर तक पूरा करना है। लेकिन ये कार्य भी पूरा होने में संशय बना हुआ है, क्योंकि छह दिन तो हड़ताल में ही खत्म हो गए।
पशुपालन विभाग के 60 प्रगणकों को उपनिदेशक कार्यालय क्षेत्र की कुचामन, परबतसर, नावां, डीडवाना, मकराना, लाडनूं तहसील में पशुधन की गणना करनी है। विभाग को लावारिस हालत में घूम रहे पशुओं को अपनी गणना में शामिल करना है। जानकारों की माने तो विभाग को पशुधन की गणना में लगाए गए कार्मिकों की संख्या पर्याप्त रखनी थी। लेकिन विभाग ने इसको दरकिनार रखा। गौरतलब है कि प्रगणकों को पशुधन की गणना तीन माह में पूरी करनी होगी। हालांकि शुरुआत में कार्य धीमी गति से चल रहा है, लेकिन कार्य के जल्दी गति पकडऩे की उम्मीद है।