नागौर

नुक्कड़ पर बैठकों से गलियों में उम्मीदवारों की दस्तक, मतदाता बोले—काम का भरोसा तो हर कोई दे रहा

नागौर. नगर परिषद चुनाव को लेकर दड़ा मोहल्ला, बिसातियों का मोहल्ला, कुरेशियों का मोहल्ला, पीर बल्की मोहल्ला और हमाल-पिंजारों के मोहल्ले में चुनावी हलचल बढ़ने लगी है। प्रत्याशी और समर्थक मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वहीं नुक्कड़ों, चबूतरों और दुकानों के बाहर लोग प्रत्याशियों के आने-जाने के साथ जीत-हार के समीकरणों पर चर्चा करते नजर आए। कहीं चबूतरे पर लोग चुनावी मंथन में जुटे मिले तो कहीं दुकानों के बाहर छोटी-छोटी टोलियां चुनावी गणित टटोलती दिखीं।
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Sep 08, 2026
Nagaur: Condition of the main road leading from Dargah Road to Delhi Darwaza
Nagaur: Condition of the main road leading from Dargah Road to Delhi Darwaza—scattered gravel.

नागौर. नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर के इन मोहल्लों में चुनावी हलचल बढऩे लगी है। प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं, वहीं मोहल्लों के नुक्कड़ों, चबूतरों और दुकानों के बाहर लोग चुनावी समीकरणों पर चर्चा में मशगूल नजर आ रहे हैं। दड़ा मोहल्ला, बिसातियों का मोहल्ला, कुरेशियों का मोहल्ला, पीर बल्की मोहल्ला और हमाल-पिंजारों के मोहल्ले में चुनावी माहौल देखा। कहीं चबूतरे पर लोग चुनावी चर्चा में जुटे मिले तो कहीं दुकान के बाहर चार-पांच लोग प्रत्याशियों के आने-जाने और जीत-हार के समीकरण पर गहन मंत्रणा करते नजर आए।

चबूतरे पर पर चर्चा में मशगूल

दड़ा मोहल्ले में एक चबूतरे पर मोहम्मद फारुख, बाबू और चांद सहित कुछ लोग बैठे चुनावी चर्चा में मशगूल मिले। प्रत्याशियों की सक्रियता और चुनावी माहौल को लेकर बात चली तो बोले कि चुनाव तो है और हर उम्मीदवार यही कह रहा है कि जीतने के बाद काम कराएंगे। लेकिन जीतने के बाद क्या होता है, यह देखना पड़ेगा। बातचीत में किसी प्रत्याशी को लेकर खुलकर राय देने के बजाय लोग अपने-अपने स्तर पर चुनावी स्थिति का आकलन करते नजर आए।

उम्मीदवार पहुंचा तो गली में बढ़ी हलचल

बिसातियों के मोहल्ले में एक दुकान के पास चार-पांच लोग चुनावी चर्चा में गहन मंत्रणा करते मिले। इसी दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार वहां पहुंच गया। उम्मीदवार को देखते ही गली में हलचल बढ़ गई। उसने लोगों से मुलाकात की और काम कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोगों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं बतानी शुरू कर दीं। सडक़, सीवरेज और नालियों से जुड़ी बातें सामने आईं। उम्मीदवार ने लोगों की बातें सुनीं और फिर दूसरी गली में जाने लगा। जाते-जाते जल्द फिर मिलने की बात कह गया।

झंडे-बैनर कम, गलियों में चुनावी चर्चा

कुरेशियों के मोहल्ले और पीर बलक मोहल्ले की ओर बढऩे पर चुनावी झंडे और बैनर बहुत कम संख्या में नजर आए। प्रचार का शोर भले ही ज्यादा नहीं था, लेकिन दुकानों और नुक्कड़ों पर चुनावी चर्चाएं चलती मिलीं। प्रत्याशियों की सक्रियता, उनके वादों और संभावित चुनावी समीकरणों को लेकर लोग आपस में चर्चा करते नजर आए। कई जगह लोग प्रत्याशियों के आने और उनके द्वारा दिए जा रहे आश्वासनों पर भी बातचीत करते मिले। हमाल-पिंजारों के मोहल्ले में मोहम्मद शाकिर, मुन्ना और मोहम्मद रमजान सहित लोग चुनावी चर्चा में जुटे मिले। चुनाव को लेकर पूछा तो कहा कि वोट तो देंगे, लेकिन किसे देना है, यह अभी तक तय नहीं किया है। बातचीत आगे बढ़ी तो मोहल्ले की समस्याएं भी सामने आईं। लोगों ने बताया कि पांच साल से सडक़ें नहीं बनी हैं। नाले और नालियां जाम हैं तथा बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। थोड़ी सी बारिश होते ही कई जगह पानी जमा हो जाता है।

चुनावी वादों के बीच समस्याएं भी चर्चा में

मोहल्लों में सीवरेज लाइन की अव्यवस्थित स्थिति भी लोगों की बातचीत का हिस्सा बनी। लोगों का कहना था कि सीवरेज और नालियों की स्थिति के साथ बरसाती पानी की निकासी की समस्या भी बनी हुई है। चुनाव के दौरान प्रत्याशी अब इन गलियों में पहुंच रहे हैं तो मतदाता भी उनके सामने अपनी बात रख रहे हैं। इस तरह चुनावी चर्चाओं के बीच मोहल्ले की समस्याएं भी बातचीत में सामने आती दिखाई दीं।

नागौर. दरगाह रोड से दिल्ली दरवाजा जाने वाले मुख्य सडक़ की हालत, बिखरी गिट्टी।

Updated on:
08 Sept 2026 10:02 pm
Published on:
08 Sept 2026 09:57 pm