पीलवा. किसान के आत्महत्या के प्रयास पर बागोट बैंक प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इसके बाद किसान सभा और आरएलपी के बैनर तले तीन दिन से चल रहा धरना भी समाप्त हो गया
पीलवा. किसान के आत्महत्या के प्रयास पर बागोट बैंक प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इसके बाद किसान सभा और आरएलपी के बैनर तले तीन दिन से चल रहा धरना भी समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने चार दिन में उचित कार्रवाई की मांग का परबतसर तहसीलदार को भी ज्ञापन दिया है। जानकारी के अनुसार बागोट के किसान बैंक का ऋण नहीं चुकाने पर किसान मल्लाराम को बैंक का नोटिस मिला और कुर्की की चेतावनी दी गई थी। इस पर मल्ला राम ने खेत के पेड़ पर फंदे से लटकने का प्रयास किया। ऐन वक्त पर परिजनों ने उसे बचा लिया। मल्लाराम और उसके परिजनों का आरोप है कि बैंक प्रबंधक मुकेश मीणा के नोटिस व चेतावनी से वो आहत हुआ था। इस बात पर किसान सभा और रालोपा के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन दिन बाद सोमवार को बैंक खुली तो किसान बैंक के मुख्य दरवाजे के सामने धरने पर बैठ गए। इस बीच पीलवा पुलिस भी मौके पर पहुंची। किसानों ने पीडि़त मल्लाराम के साथ बैंक मैनेजर पर आत्म हत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट थाने में पेश की। इसके बाद परबतसर तहसीलदार मंगतुराम बंशीवाल बागोट पहुंचे जहां किसानों ने कलक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंप कर बताया कि वर्तमान में मल्लाराम के खेत में फ सल खडी है । ऐसे में उसके खेत को कुर्क करने को लेकर तैयारी रोकी जाए। इसके लिए प्रशासन को चार दिन का समय दिया गया है। इस मौके पर किसान सभा के अध्यक्ष मंगाराम उंटवाल, रामदेव उंटवाल, रालोपा से प्रेमाराम खोखर, समाजसेवी विक्रमसिंह टापरवाडा, सुखदेव डूडी, राहुल दिवाच, भेरूराम मुंडेल, देवाराम मिर्धा सहित कई लोग मौजूद रहे।