
डीडवाना. एक दिन के कलक्टर से समस्या निस्तारण की मांग करता व्यक्ति। Photo- Patrika
डीडवाना। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार का दिन भावनाओं, संवेदनाओं और प्रेरणा का साक्षी बना। जिला कलक्टर अवधेश मीना ने लाडनूं क्षेत्र के ग्राम रोडू निवासी 15 वर्षीय गर्वित रेवाड़ की अनूठी इच्छा को साकार करते हुए उसे एक दिन के लिए डीडवाना-कुचामन जिले का जिला कलक्टर बनाया। यह पहल न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता का उदाहरण बनी, बल्कि संघर्षों से जूझ रहे लोगों के लिए प्रेरणा का संदेश भी दे गई।
गर्वित को पूरे प्रोटोकॉल के साथ राजकीय वाहन में कलक्ट्रेट लाया गया। कलक्ट्रेट पहुंचने पर स्वयं जिला कलक्टर अवधेश मीना ने गुलदस्ता भेंट कर उसका स्वागत किया। इसके बाद गर्वित को जिला कलक्टर के मुख्य कक्ष में ले जाया गया, जहां उसने कलक्टर की कुर्सी संभालकर एक दिन के प्रशासनिक मुखिया की भूमिका निभाई।
कुर्सी संभालने के बाद गर्वित ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। उसने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण होना चाहिए, क्योंकि प्रशासन का पहला दायित्व आमजन की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। इस दौरान उसने प्रतीकात्मक रूप से एक दिन के राजकीय अवकाश की घोषणा भी की। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियां बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया। कई लोगों ने ज्ञापन सौंपे और विभिन्न कार्यक्रमों में आने के निमंत्रण भी दिए।
24 अगस्त 2010 को जन्मा गर्वित डीएमडी (ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी) जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण उसके शरीर के अधिकांश अंग काम नहीं करते, लेकिन उसका आत्मविश्वास और मानसिक क्षमता आज भी मजबूत है। शुरुआती वर्षों में सामान्य बच्चों की तरह जीवन जीने वाला गर्वित धीरे-धीरे बीमारी की गिरफ्त में आ गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
हाल ही में घोषित 10वीं कक्षा के परिणामों में उसने 82.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रतिभा का परिचय दिया। शारीरिक रूप से लिखने में असमर्थ होने के कारण वह उत्तर बोलता था और उसकी ओर से एक अन्य छात्र उत्तर पुस्तिका में लिखता था।
गर्वित का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। उसने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, व्यक्ति को कभी हार नहीं माननी चाहिए। पूरी लगन और ईमानदारी से किया गया प्रयास एक दिन जरूर सफलता दिलाता है।
गर्वित के माता-पिता ने उनसे उसकी इच्छा साझा की थी। उन्होंने कहा कि डीएमडी जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद गर्वित की शैक्षणिक उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है और उसे एक दिन का कलक्टर बनाकर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास किया गया है।
Updated on:
04 Jun 2026 12:38 pm
Published on:
04 Jun 2026 12:18 pm
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
