Nagaur Drowning Incident: मकराना में बंद पड़ी खदान में नहाने गए दो मासूम गहराई में डूब गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक छा गया और लोगों ने बंद खदानों पर सुरक्षा इंतजाम की मांग उठाई।
नागौर। मकराना शहर के कातला रोड स्थित बोरावड़ कुम्हारी रेंज की एक बंद पड़ी खदान में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया, जहां पानी से भरी खदान में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। बच्चे नहाने के लिए खदान में उतरे थे, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं लगने से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई।
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पुलिस के अनुसार अन्नू (11) पुत्र जयराम बनवागरिया और बबलू (12) पुत्र भूराराम बनवागरिया अन्य बच्चों के साथ खदान में भरे पानी में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों बच्चे अचानक गहराई में चले गए और पानी में डूब गए। साथ मौजूद बच्चों ने जब उन्हें बाहर नहीं देखा तो घबरा गए और तुरंत आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर बच्चों के कपड़े पड़े मिले, जिससे आशंका और गहरा गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बच्चों को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन खदान की गहराई और पानी की अधिकता के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ विक्की नागपाल और सीआई जगदीश मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। उपखंड अधिकारी अंशुल सिंह बेनीवाल और तहसीलदार कृष्ण शर्मा भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
काफी प्रयासों के बाद देर शाम दोनों बच्चों के शव खदान से बाहर निकाल लिए गए। इसके बाद शवों को मकराना के चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश भी देखने को मिला।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी खदानों के चारों ओर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और बैरिकेडिंग करवाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। वहीं प्रशासन ने भी ऐसे स्थानों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने के संकेत दिए हैं।