
नागौर/खींवसर. भाजपा एससी मोर्चा ने खींवसर में अनुसूचित जाति के मोहल्ले में स्थित विद्यालय के एकीकरण को निरस्त करने की मांग केन्द्रीय मंत्री सी.आर. चौधरी से की है। मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बीरमाराम नायक ने केन्द्रीय मंत्री चौधरी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि राज्य सरकार के आदर्श स्कूलों में हुए एकीकरण को निरस्त करने के लिए कई बार मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिस कारण छात्रों की पढाई प्रभावित हो रही है। बार-बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी अधिकारी कोई परवाह नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खींवसर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय को आनन-फानन में सरकार ने आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एकीकृत कर दिया। बाद में सरकार ने एकीकरण को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए, लेकिन जिला स्तर पर इन आदेशों की कोई पालना नहीं हो रही है। जिस कारण अनुसूचित जाति के 87 छात्रों की पढाई प्रभावित हो रही है। अनुसूचित जाति के मौहल्ले में संचालित स्कूल का एकीकरण निरस्त नहीं करने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। एससी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष नायक ने ज्ञापन में कहा कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछले 55 वर्षों से अनुसूचित जाति मोहल्ले में संचालित हो रही है। जिसमें 87 छात्रों का नामांकन है। एकीकरण के पश्चात छोटे बच्चे सडक़ पार कर विद्यालय नहीं जा पा रही है। जिससे अनुसूचित जाति के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। सरकार गरीब एवं अनुसूचित जाति के बच्चों को शिक्षा में बढ़ावा देने का दावा कर रही है। जबकि यहां अनुसूचित जाति के बच्चों की पढ़ाई छूट रही है। इस पर केन्द्रीय मंत्री चौधरी ने शिक्षा निदेशक से मोबाइल पर बात कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। इस दौरान भाजपा पशुपालन प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश भाटी, पंचायत समिति सदस्य श्रीकृष्ण उपाध्याय, भाजपा नेता कानाराम पालीयाल, जिला मंत्री जंवरीलाल प्रजापत, मण्डल महामंत्री सीताराम प्रजापत सहित कई जने मौजूद थे।
बैंक नए भवन में स्थानांतरित नहीं
खींवसर. खींवसर कॉ-ऑपरेटिव बैंक के लिए नया भवन बनने के बाद भी स्थानान्तरित नहीं करने से बैंक कर्मचारी तो परेशान है ही, इन दिनों फसल मुआवजा की राशि लेने के लिए आने वाले किसान भी भारी परेशान है तो दूसरी ओर बैंक के आगे दिनभर भीड़ रहने से आस-पास के दुकानदारों की दुकानदारी ठप हो गई है। इन दिनों कॉपरेटिव बैंक में गांवों में हुए फसल खराबे की मुआवजा राशि मिल रही है। जिस कारण दिनभर बैंक के आगे किसानों की भारी भीड़ रहती है। किसान अपनी मोटर साइकिलें लाकर दुकानों के आगे व मुख्य रोड पर इस कदर छोड़ते है। जिससे दुकानदार तो ज्यादा परेशान है। वहीं आने-जाने वाले राहगिरों का भी निकलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते रोजाना आने वाले किसानों व दुकानदारों के बीच कहासुनी के साथ लड़ाई झगड़े पर भी उतारू हो जाते है। हालात यह है कि दिनभर भीड़ के चलते दुकानों में ग्राहकों ने आना ही बंद कर दिया है। बैंक के आगे दुकानों पर दिनभर भारी भीड़ खड़ी रहती है। ऐसे में बैंक में महिला ग्राहक तो प्रवेश ही नहीं कर पाती है लेकिन सहकारिता विभाग बैंक को नए भवन में स्थानान्तरित नहीं कर रहा है। उधर नवनिर्माणाधीन भवन का हाल-बेहाल है।