
नावां के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में रखे कम्प्यूटर।
कम्प्यूटर लैब का बीमा करवाने के आदेश, बिना शिक्षक बच्चे हो रहे परेशान
नावां शहर. प्रतिस्पर्धा के इस दौर में प्रत्येक बालक को कम्प्यूटर का ज्ञान होना जरूरी है। जमाने के साथ-साथ नवीनतम तकनीक भी बढ रही है। इन्टरनेट के इस दौर में जहां सरकार 4जी कांफ्रेंस को बढावा दे रही है। सभी सरकारी भर्तियों में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य होती है। लेकिन दूसरी ओर सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य पर ग्रहण लगा रही है। विभाग की ओर से विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षक लगाने के बजाय अन्य योजनाओं व कार्यो पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में आईसीटी योजना के तहत संचालित कम्प्यूटर लैब में सभी उपकरणों का अब सुरक्षा बीमा करवाना अनिवार्य होगा। विभाग कम्प्यूटर को तो सुरक्षित कर रहा है लेकिन कम्प्यूटर शिक्षा को नहीं।
यदि किसी विद्यालय में बिना बीमा करवाया कोई उपकरण चोरी हुआ तो उसकी जिम्मेदारी संस्था प्रधानों की होगी। इसके लिए हाल ही में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयक व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को आदेश जारी किए है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में आने वाले सभी स्कूलों के संस्था प्रधानों को लैब का बीमा करवाना होगा। आईसीटी के प्रथम चरण व द्वितीय चरण में योजना की अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सेवा प्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब विद्यालय प्रशासन को हस्तान्तरित की जा चुकी है।
कम्प्यूटर शिक्षा से बच्चे हो रहे दूर
विद्यालयों में बच्चों को मास्साब ने ए फॉर एप्पल तो सीखा दिया। लेकिन शिक्षा के बढते स्तर के साथ-साथ सी फॉर कम्प्यूटर सिखाने के लिए ‘मास्साब’ नहीं है। शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय दोनों में ही कम्प्यूटर शिक्षक नहीं होने से बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। पत्रिका ने एक विद्यालय में भ्रमण के बाद जब पड़ताल की तो आश्चर्यजनक जानकारी मिली। समूचे प्रदेश के अधिकांश उच्च माध्यमिक विद्यालयों के यही हाल है। जहां कम्प्यूटर कबाड़ बने हुए हैं। महीनों से कम्प्यूटर कक्ष के ताले ही नहीं खुले है। ऐसे में बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा नसीब नहीं हो रही है। कम्प्यूटर लैब में कम्प्यूटर धूल फांक रहे है। लेकिन सरकार को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। ऐसे में कम्प्यूटर क्रंाति के इस दौर में भी बालक कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित रह रहे है।
छात्रकोष से जुटाएंगे बीमा राशि
कम्प्यूटर लैब व उपकरणों की सुरक्षा के लिए संस्था प्रधान छात्र विकास कोष व अन्य बचत राशि से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाएंगे। आईसीटी के तृतीय चरण 2014-2019 में सेवा प्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाया गया। इसके अलावा आइसीटी के चतुर्थ चरण 2015-2020 में कम्प्यूटर लैब की सुरक्षा के लिए बीमा विद्यालय स्तर पर संस्था प्रधान की ओर से किया जाएगा। इसके लिए आईसीटी योजनांतर्गत जिला कार्यालय में आवंटित राशि का उपयोग कर समस्त उपकरणों का सुरक्षा बीमा करवाया जाएगा। पांचवे चरण 2016-2021 व 2018-2023 में सेवा प्रदाता की ओर से कम्प्यूटर लैब का सुरक्षा बीमा करवाया गया है।
यह दिया आदेश
निदेशक की ओर से भेजे गए आदेश में लिखा गया कि विद्यालय में चोरी आदि घटना होने पर संस्था प्रधान संबंधित थाने में मामला दर्ज करवाएगा। साथ ही इसकी सूचना संबंधित सेवा प्रदाता कम्पनी, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देनी होगी।
इनका कहना-
पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे एवं पांचवी चरण की लैब में बीमा करवाने के लिए संस्था प्रधानों को पाबन्द किया है। विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षक नहीं है जिससे बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा नहीं मिल पाती है। यदि कम्प्यूटर शिक्षक लगाए जाते है तो बच्चों को भी लाभ मिलेगा व लैब भी अच्छी तरीके से संचालित होगी।
ललित शर्मा, नोडल अधिकारी व प्रधानाचार्य, नावां शहर।
Published on:
13 Sept 2018 06:38 pm
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