
नागौर. ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तृतीय चरण के जो कार्य चल रहे हैं, वे सभी 25 जुलाई तक आवश्यक रूप से पूर्ण हो जाने चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (एमजेएसए) के चतुर्थ चरण की कार्य योजना भी 25 जुलाई तक तैयार कर जिला मुख्यालय भेज दें।’ यह बात जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने बुधवार को सभी विकास अधिकारियों से कही। गौतम बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में विकास अधिकारियों की मासिक बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि एमजेएसए के तृतीय चरण में जितने भी कार्य चल रहे हैं, उन सभी कार्यों का अगले तीन दिन में संबंधित अधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाए तथा विकास अधिकारी प्रतिदिन कार्यों की प्रगति की समीक्षा उनके साथ करेंगे, ताकि कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निश्चित समय में पूर्ण हो जाए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण कार्यक्रम को मनरेगा के साथ जोडकऱ किया जाए, जिससे मनरेगा के माध्यम से पौधों की सार-संभाल के लिए ट्री गार्ड की व्यवस्था तथा पानी देने की व्यवस्था स्थाई रूप से हो सके।
महिला को बनाएं मेट
जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विकास अधिकारी अगले एक सप्ताह में यह सुनिश्चित कर लें कि उनके पंचायत समिति क्षेत्र में आने वाले सभी राजस्व गांव में मनरेगा के कार्य प्रारंभ हो जाए। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अवधेश मीणा को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह 5 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण करें तथा श्रमिकों से बात कर यह सुनिश्चित करें कि उन्हें कार्यस्थल पर दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने विकास अधिकारियों से कहा कि महात्मा गांधी मनरेगा के तहत जहां कार्य चल रहे हैं, वहां पर मेट का दायित्व महिला को दिया जाए। विकास अधिकारी नवाचार करने का प्रयास करें कि उनकी पंचायत समिति में चलने वाले समस्त मनरेगा के कार्यों पर महिला ही मेट के रूप में कार्यरत हो।
पीएम आवास योजना में तेजी लाएं
कलक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में जिस लाभार्थी का मकान बनता है, उसके परिवार के सदस्यों को भी मनरेगा में जोड़ कर मकान के निर्माण का कार्य करवाया जाए, ताकि आवास के साथ-साथ परिवार वालों को रोजगार भी मिल जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति में और तेजी लाई जाए। इसके लिए विकास अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ लेकर चयनित परिवारों को शीघ्र कार्य करने के लिए समझाइश करें। कलक्टर ने विकास अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि उनकी पंचायत समिति क्षेत्र में सांसद व विधायक कोष से जो विकास कार्य हो रहे हैं, उन सभी कार्यों की वस्तुस्थिति का एक नोट प्रतिमाह संबंधित सांसद व विधायक को दिया जाए। साथ ही सभी कार्य निश्चित समय में हो जाए। इसके लिए विकास अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपने क्षेत्र में सांसद व विधायक कोष से होने वाले कार्यों का निरीक्षण करेंगे इन कार्यों के साथ ही अन्य कार्यों की यूसी व सीसी प्रमाण पत्र भी तत्काल जिला परिषद को भेजेंगे। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी ने विभिन्न योजनाओं की अब तक की प्रगति के बारे में विस्तार से बताया।