
नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा कर किसानों के हक का गबन करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। इसके साथ ही अब एसओजी के डीआइजी भी इस मामले की खोजबीन के लिए शुक्रवार को नागौर पहुंच गए। इससे पहले एसओजी के डीएसपी स्तर के अधिकारी यहां डेरा डाले हुए है। एसओजी के इस मामले की छानबीन के सामांतर जिला पुलिस ने भी अब अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ताजा दर्ज छह मुकदमों के साथ फसल बीमा फर्जीवाड़ा से जुड़े जिले के थानों में दर्ज पुराने मामलों की जांच भी नए सिरे से शुरू की है।
कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक की निगरानी में पुलिस टीमें हर मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। पांचौड़ी पुलिस थाना में दर्ज पांच मुकदमों के साथ शुक्रवार को एक और नया मामला पांचौड़ी में ही दर्ज किया गया है। सुरपालिया पुलिस थाना में पहले से दर्ज मामलों की बंद पड़ी जांच भी अब फिर खोली गई है।
सदर थाना को बनाया पूछताछ का केन्द्र
पुलिस टीमों ने सुरपालिया थाना क्षेत्र के डेह, कमेडिय़ा, रायधनु, खडक़ाली, खींयास, मेड़ता व नागौर आदि जगह से ई मित्र संचालक, बीमा कम्पनी से जुड़े कार्मिकों, फर्जीवाड़ा के नामजद आरोपियों और पूछताछ में पता चले नए संलिप्त लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इनमें से सात-आठ को हिरासत में लेकर सदर थाना नागौर में लाया गया। पूछताछ में साक्ष्य जुटाकर इनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
डीआइजी ने आरोपियों से की पूछताछ
फसल बीमा योजना में संगठित स्तर पर अपराध होने की सूचना पर शुक्रवार को राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के डीआइजी भुवन भूषण यादव भी जयपुर से नागौर पहुंचे गए। उन्होंने फसली बीमा से जुड़े मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की। इधर, नागौर कार्यवाहक एसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि जिले में दर्ज फसल बीमा से जुड़े मामलों की जांच नागौर पुलिस ही कर रही है। यह फर्जीवाड़ा काफी बड़े स्तर का है।
लोगों की जमीनों पर बीमा कर उठाया क्लेम
जिले के पांचौड़ी और सुरपालिया सहित अन्य थानों में दर्ज मामलों से पता चलता है कि फसल बीमा कम्पनियों से जुड़े कार्मिकों के साथ मिलकर कुछ लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर फसल बीमा योजना में सेंधमारी की। उन्होंने लोगों के नाम से इंतकाल दर्ज कृषि भूमि पर काश्त के फर्जी स्टाम्प तैयार कर उनका फसल बीमा कर दिया। फिर बीमा कम्पनी सर्वेयर व अन्य कार्मिकों के साथ मिलकर फसल खराब दिखाकर उन जमीनों पर करोड़ों रुपए का बीमा क्लेम उठा लिया। यह खेल कई साल से चल रहा है। पहले कई बार ऐसे मामले पुलिस थानों तक पहुंचे लेकिन संगठित गिरोह ने कार्रवाई नहीं होने दी। अब पांचौड़ी में मामले दर्ज होने के बाद राज्य सरकार तक बड़े पैमाने पर ऐसे फर्जीवाड़े हुए होने की सूचना पहुंची। इसके साथ ही जयपुर से एसओजी को इन मामलों को खंगालने के लिए लगा दिया गया।
किसानों ने अपील, फर्जीवाड़ा की जानकारी देंवे
पुलिस ने जिले के किसानों से भी अपील की है कि फसल बीमा योजना में उनके साथ कोई धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा किया गया है अथवा उनकी जानकारी में है तो उसके बारे में पुलिस को जानकारी देंवे। एसपी आशाराम चौधरी ने किसानों से इस प्रकार के मामलों की शिकायत पुलिस को देने की अपील की है। पांचौड़ी थाने में पिछले 15 दिन में छह मामले दर्ज हो चुके हैं।