
फर्जीवाड़े के आरोपियों से जब्त लग्जरी कार
पांचौड़ी/नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा किसानों के हक के करोड़ों रुपए डकारने वालों पर अब पुलिस के साथ एसओजी ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा मामले पांचौड़ी पुलिस थाना में दर्ज है, लेकिन ऐसे कई मामले अन्य पुलिस थानों में दर्ज है। पुलिस ने पांचौड़ी में दर्ज मामले में गुरुवार को चारा आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर तीन लाख रुपए, एक कार व कुटरचित दस्तावेज जब्त किए है। दूसरी तरफ एसओजी के डीएसपी के नेतृत्व में टीम भी फर्जीवाड़ा को खंगाल रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए का क्लेम उठाने वाले लोगों की एक गैंग है। इसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस ने इस गैंग का पर्दाफाश कर फिलहाल चार नामजद आरोपी रायधनु निवासी सियाराम लोयल पुत्र परसाराम, खींयास निवासी रविंद्र पुत्र श्रवणराम जाट, रायधनु निवासी तरुण लोयल पुत्र परसाराम एवं खडक़ाली निवासी सुखवीर पुत्र ताजूराम जाट को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने न्यायालय में पेश कर मुख्य आरोपी सियाराम सहित दो अन्य को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। इनसे फसल बीमा फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पांचौड़ी थाने में 5 प्रकरण दर्ज
आरोपियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खातेदार किसानों की अनुमति के बिना कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके खेतों का बीमा करवाया और फिर क्लेम का भुगतान उठा लिया। ऐसा कर कई किसानों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। यह खेल पिछले कई साल से चल रहा है। जिले के सुपालिया व श्रीबालाजी थाने में किसानों की ओर से ऐसे मामले दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के प्रभाव में आकर इन मामलों की गहराई से छानबीन नहीं की।
एसओजी की सक्रियता से पुलिस चेती
पांचौड़ी थाने में ऐसे कुल चार प्रकरण दर्ज है। इसमें रायधनू निवासी सियाराम और खडक़ाली निवासी सुखवीर के साथ बीमा कंपनी के जिला को-ऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी और तहसील को-ऑर्डिनेटर रवि प्रकाश भी नामजद है। पुलिस इन मामलों में दो दिन पहले गंभीर हुई। पुलिस मुख्यालय तक यह जानकारी पहुंची की यह बड़ा गिरोह है और बड़े पैमाने पर ऐसे फर्जीवाड़े हुए है। इसके बाद एसओजी को सक्रिय किया गया और स्थानीय पुलिस भी चेत गई।
फर्जीवाड़ाबड़े स्तर पर होने की आशंका
इस मामले में बुधवार को एसओजी के डीएसपी नरेंद्र कुमार खीचड़ ने भी पांचौड़ी पहुंचकर मामले से जुड़े आरोपियों से पूछताछ की थी। फसल बीमा योजना में नागौर ही नहीं, अन्य जिलों में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर किसानों के हक का क्लेम चोरी किया गया है। इसमें बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। मामला दर्ज कराने वाले किसानों ने भी जिला एवं ब्लॉक स्तर के बीमा प्रतिनिधियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है। आरोपियों से जब्त किए स्टाम्प व दस्तावेजों की छानबीन चल रही है।
दूजासर के पीडि़त ने दर्ज कराया एक और प्रकरण
पांचौड़ी थाना क्षेत्र में सामने आए फर्जी फसल बीमा मामले में गुरुवार को पांचौड़ी थाने में एक और प्रकरण दर्ज कराया गया। मामले में दूजासर, माडपुरा निवासी मोहनलाल ने रिपोर्ट देकर बताया कि आरोपियों ने उसकी जमीन का बिना उसकी जानकारी के फसल बीमा करवाकर 3 लाख 57 हजार 731 रुपए का क्लेम उठा लिया। किसान ने बताया कि रायधनू निवासी सियाराम, बूढ़ी निवासी महावीर जाट तथा खडक़ाली निवासी सुखवीर, बीमा कंपनी के जिला को-ऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी और तहसील को-ऑर्डिनेटर रवि प्रकाश फर्जीवाड़ा में लिप्त है।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खातेदार किसानों की जानकारी एवं उनकी सहमति के बिना गैंग के सदस्य फर्जी स्टाम्प तैयार करके बीमा करवा लेते हैं और कम्पनी के प्रतिनिधियों से साठ-गांठ करके भारी-भरकम क्लेम उठाते हैं। यह खेल नागौर सहित राजस्थान के कई जिलों में पिछले करीब दस साल से चल रहा है। इसको लेकर पत्रिका ने समय-समय पर समाचार प्रकाशित कर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। गत वर्ष जुलाई में समाचार प्रकाशित करने पर केन्द्र सरकार के गृह विभाग ने सीआइडी से रिपोर्ट मांगी। परन्तु फर्जीवाड़ा करने वालों ने इसे दबवा दिया।
Updated on:
21 Aug 2026 11:13 am
Published on:
21 Aug 2026 11:13 am
