नागौर

नागौर में अचानक धंसी धरती… समा गईं संगमरमर की एक दर्जन खदानें; सामने आया हैरान कर देने वाला वीडियो

अरावली पॉलीगोन क्षेत्र में शामिल रेवत डूंगरी खनन रेंज में बड़े स्तर पर भूमि धंसने से करीब एक दर्जन संगमरमर की खदानें भरभराकर ढह गईं। भू-धंसाव इतना बड़ा था कि जाखली गांव जाने वाला कालानाडा कटाणी मार्ग भी खदान में समा गया।
2 min read
• •
Updated: 24 Jul 2026, 9:18 AM IST
marble quarries collapsed-1
संगमरमर की खदानें भरभराकर ढही। फोटो: पत्रिका

मकराना (नागौर)। अरावली पॉलीगोन क्षेत्र में शामिल रेवत डूंगरी खनन रेंज में गुरुवार सुबह बड़े स्तर पर भूमि धंसने से करीब एक दर्जन संगमरमर की खदानें भरभराकर ढह गईं। भू-धंसाव इतना बड़ा था कि जाखली गांव जाने वाला कालानाडा कटाणी मार्ग भी खदान में समा गया। घटना के दौरान क्षेत्र में लोगों की आवाजाही नहीं होने से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से जाखली की तरफ आवागमन बाधित हो गया।

घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई । सूचना मिलते ही प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। रेवत डूंगरी रेंज की खदान संख्या 4, 5/1, 5/1ए, 5/ए1, 6, 7, 8, 9 और 10 के आसपास का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। भू-धंसाव से कई खदानों को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं कटाणी मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

अवैध खनन का दायरा बढ़ने से जमीन कमजोर

स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार अवैध खनन के कारण खदानों का दायरा बढ़ता गया और कटाणी मार्ग सहित आसपास की भूमि कमजोर होती चली गई। कई बार शिकायतें देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

चावंडिया मार्ग पर यातायात रोका

सूचना मिलते ही खनिज अभियंता ललित मंगल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। मकराना थानाधिकारी पंकज कुमार पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर चावंडिया मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। बाद में स्थानीय स्तर पर मार्ग सुरक्षित पाए जाने पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई। जमीन धंसने से कटाणी मार्ग के समीप लगे विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। विद्युत निगम की टीम ने एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद की, ताकि दुर्घटना न हो।

भाजपा नेता ने लगाया ये आरोप

इधर, भाजपा नेता सुमित भींचर ने आरोप लगाया कि खनिज अभियंता और कुछ खान मालिकों की कथित मिलीभगत के कारण जाखली मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जनप्रतिनिधियों की ओर से कई बार शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा मार्ग को शीघ्र बहाल करने की मांग की।

अभियंता बोले-बारिश से मिट्टी कमजोर हुई

खनिज अभियंता, मकराना ललित मंगल का कहना है कि लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर हो गई थी। इसके कारण आम रास्ते का एक हिस्सा खदान में धंस गया। विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और सुरक्षा के आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

Updated on:
24 Jul 2026, 9:18 AM IST
Published on: