
नागौर. घरेलू कनेक्शनों पर बकाया हजारों में पहुंच गया तो फिर विभाग की ओर से कनेक्शन काटने के लिए डिस्कॉम के कर्मचारी पहुंच जाते हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर यह बकाए की राशि भले ही करोड़ों में पहुंचने पर भी इनकी सेहत पर कोई असर नहीं होता है। बताते हैं कि सरकारी विभागों की यह बकाए की राशि ही यदि डिस्कॉम को पूरी तरह से जमा हो जाए तो फिर एक दिन में ही इसकी माली हालत बदल जाएगी। स्थिति यह है कि पुलिस विभाग हो या फिर स्थानीय अथवा जिला प्रशासन! इन सभी पर डिस्कॉम का बकाया करोड़ों में पहुंच गया है, लेकिन बजट के अभाव का रोना रोने का जुमला पूरे साल चलता रहता है। नतीजतन कइयों का बकाया पिछले दो साल के अंतराल में डेढ़ से दो गुना ज्यादा बढ़ गया है। इनमें से सर्वाधिक बकाएदारों में रेलवे, पुलिस, पीएचडीई एवं प्रशासनिक विभाग आदि की ओर से किसी भी मद में आमजन पर बकाया होने की स्थिति इनका पूरा अमला वसूली के लिए पहुंच जाता है, लेकिन खुद का बकाया कब अदा करेंगे इसका पता किसी को नहीं है। सरकारी विभाग होते भी इनकी ओर से बकाया बिल राशि जमा करने की जहमत नहीं उठाई गई। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि बकाए की वसूली के लिए अलग से टीमें लगा रखी है। हालांकि इनमें से कुछ विभागों ने यथासमय कुल बकाए में से कुछ बकाया अदा किया, लेकिन यह अदायगी ऊंट के मुंह में जीरा की तरह रही। नतीजतन बकाएदारों की सूची में जिम्मेदार सरकारी विभागों के नाम आज भी शामिल नजर आते हैं। हालांकि विभाग की ओर से अवैध कनेक्शनों व बिजली चोरी के खिलाफ चले अभियान में भी लाखों के राजस्व का इजाफा हुआ है, लेकिन फिर भी स्थिति कोई विशेष अंतर नहीं आ पाया।
बिजली का उपभोग करने के बाद भी बिल नहीं जमा होने के चलते डिस्कॉम की उपभोक्ताओं पर बकाया राशि अरबों में पहुंच गई है। इनमें सरकारी विभागों से लेकर घरेलू, व्यवसायिक एवं कृषि आदि क्षेत्रों के उपभोक्ता शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि उपभोग राशि की अदायगी कराने के लिए किए गए तमाम प्रयास के बाद वसूली की स्थिति का प्रतिशत तो सुधरा है, लेकिन सरकारी बकाया का पूरा भुगतान होने की स्थिति में डिस्कॉम बेहद ही अच्छी स्थिति में आ जाएगा।
वर्ष 2021 में सरकारी विभागों पर बकाए की स्थिति
पीएचडीई 34.07 करोड़
जेजेवाई साढ़े 12.36 करोड़
म्यूनिसिपल्टी बोर्ड 13.02 करोड़
सरपंचों के जल कनेक्शन-21.80 करोड़
रेलवे/बीएसएलएल 1.43
पुलिस 49 लाख
प्रशासन 1.13 करोड़
घरेलू 136 करोड़
अघरेलू 29 करोड़ 22 लाख
कृषि 82 करोड़ 77 लाख
औद्योगिक 30 करोड़ 29 लाख
वर्ष 2019 में सरकारी विभागों की बकाया स्थिति
किसका, कितना बकाया
बकाएदार बकाया
पीएचडीई 22 करोड़
जेजेवाई साढ़े 11 करोड़
म्यूनिसिपल्टी बोर्ड 7 करोड़ 62 लाख
सरपंचों के जल कनेक्शन-11 करोड़ 28 लाख
रेलवे 2 करोड़ 10 लाख
पुलिस 41 लाख
प्रशासन 58 लाख
घरेलू 129 करोड़
अघरेलू 29 करोड़ 22 लाख
कृषि 76 करोड़ 58 लाख
औद्योगिक 27 करोड़ 71 लाख
फिर भी नहीं कर रहे जमा
डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित बकाएदार विभागों के शीर्षस्थ अधिकारियों को इस संबंध में कई बार अवगत कराया गया। प्रशासनिक बैठकों में भी बकाया राशि जमा किए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। हर बार केवल यह कह दिया जाता है कि जमा करा दिया जाएगा, लेकिन बजट का अभाव बताते हुए राशि जमा नहीं हो पाती है।
बकाया राशि करोड़ों में पहुंची
डिस्कॉम के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं का भी बकाया 136 करोड़ पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2019 में यह 129 करोड़ था। इस तरह से औसतन घरेलू बकाया सात करोड़ और बढ़ गया। अघरेलू का भी 29 करोड़ 22 लाख है। इनके लिए भी विभाग की ओर से वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि वसूली में अब सुधार तो हुआ है, लेकिन बकाया राशि शतप्रशित जमा होने की स्थिति में विभाग की ओर से और बेहतर संसाधनों के साथ उपभोक्ताओं को सुविधा दी जा सकती है।
इनका कहना है...
सर्किल का बकाया बकाया राशि की वसूली के लिए डिस्कॉम ने विशेष नीति बनाई है। सभी बकाएदारों से वसूली होगी। बकाया नहीं जमा करने वालों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जा रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता, आर. बी. सिंह डिस्कॉम अजमेर-नागौर