
लाडनूं. कस्बे के राजकीय अस्पताल में बनाई गई ब्लड बैंक के शुरू होने का इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ब्लड बैंक को शुरू करने के लिए इसमें सभी उपकरण उपलब्ध हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इसको लाइसेंस जारी नहीं हो पाया है। ऐसे में इसके ताला लटका हुआ है। ब्लड बैंक के शुरू नहीं होने के कारण इसका रोगियों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में आए दिन सडक़ हादसे होते रहते हैं। आपातकालीन स्थिति में कई बार रोगियों को रक्त की जरूरत पड़ती है तो उन्हें अन्यत्र जाना पड़ता है। इसके चलते रोगी को तो परेशानी होती ही है बल्कि परिजनों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ब्लड की व्यवस्था समय पर व्यवस्था नहीं होने के कारण रोगियों को कई बार मजबूरी में अस्पताल से रेफर करना पड़ता है। ऐसे में ब्लड बैंक का शुरू नहीं हो पाना रोगियों पर भारी पड़ रहा है।
हो चुका निरीक्षण
ब्लड बैंक की व्यवस्था को लेकर करीब दो माह पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। उस दौरान व्यवस्थाओं को लेकर टीम ने संतोष जताया था। लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी ब्लड बैंक को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस सुविधा का रोगियों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है।
25 लाख रुपए में बना था भवन
अस्पताल परिसर में करीब दो वर्ष पूर्व बने ब्लड बैंक के भवन पर करीब 25 लाख रुपए की लागत आई थी। भवन बनने के कुछ महीनों बाद ही ब्लड बैंक में काम आने वाले उपकरण भी उपलब्ध करवाए दिए गए थे, लेकिन लाइसेंस जारी नहीं होने के कारण इस पर ताला लटका दिया गया।
इनका कहना
ब्लड बैंक में सभी उपकरण उपलब्ध है। लेकिन अभी तक लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। ऐसे में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाईहै।
डॉ. भगवान सिंह राठौड़, पीएमओ, राजकीय अस्पताल, लाडनूं।