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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: प्रधान-जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ शुरू, BJP ने की बाड़ाबंदी; कांग्रेस भी अलर्ट

नागौर जिले के डेगाना में पंचायत चुनाव के बाद बीजेपी ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस भी दीपावली बाद बाड़ाबंदी की तैयारी में जुटी है।
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नागौर

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Arvind Rao

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हरिराम गुर्जर

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Updated: 4 Nov 2026, 5:54 PM IST

rajasthan panchayat polls

पुष्कर में बाड़ाबंदी में ठहरे BJP के जिला परिषद सदस्य प्रत्याशी समूह में समय बिताते और आपस में चर्चा करते हुए (पत्रिका फोटो)

-हरिराम गुर्जर

डेगाना (नागौर): पंचायतराज चुनाव में मतदान के बाद अब गांवों की सरकार बनाने की राजनीतिक कवायद तेज हो गई है। जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही संभावित राजनीतिक समीकरणों को साधने और अपने सदस्यों को एकजुट रखने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

20 नवंबर को होने वाली मतगणना तक सदस्यों को अपने खेमे में सुरक्षित रखना दोनों प्रमुख दलों के लिए बड़ी चुनौती है। भाजपा ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए डेगाना और भैरूंदा पंचायत समिति क्षेत्र के अपने समर्थित प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। वहीं, कांग्रेस ने भी बैठक कर दीपावली के बाद बाड़ाबंदी की तैयारी पर चर्चा की है।

भाजपा ने संभाला मोर्चा, प्रत्याशियों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया

भाजपा ने जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान पद के चुनाव को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों को एकजुट रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। डेगाना और भैरूंदा पंचायत समिति क्षेत्र के भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को बाहर ले जाकर ठहराया गया है।

जानकारी के अनुसार, पंचायत समिति सदस्यों को एक स्थान पर रखा गया है, जबकि जिला परिषद सदस्यों को पुष्कर में ठहराया गया है। पार्टी नेताओं की प्रत्याशियों की गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है, ताकि मतगणना और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सभी सदस्य एकजुट रहें।

पुष्कर में ताश खेलते और स्विमिंग पूल में समय बिताते दिखे प्रत्याशी

भाजपा की बाड़ाबंदी के बीच पुष्कर में ठहरे जिला परिषद सदस्यों की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें प्रत्याशी समूह में समय बिताते, ताश-पत्ती खेलते, आपस में चर्चा करते और ग्रुप फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं। कुछ प्रत्याशियों की स्विमिंग पूल में नहाते हुए तस्वीरें भी सामने आई हैं। दीपावली के त्योहार को देखते हुए कुछ प्रत्याशियों को राहत भी दी गई है।

कांग्रेस की बैठक में बनी रणनीति, दीपावली के बाद होगा फैसला

दूसरी ओर, कांग्रेस ने अभी तक डेगाना विधानसभा क्षेत्र के पंचायत समिति सदस्यों की औपचारिक बाड़ाबंदी शुरू नहीं की है। मंगलवार को कांग्रेस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें दीपावली के बाद सभी प्रत्याशियों को एकत्रित कर सुरक्षित स्थान पर ठहराने और प्रधान पद के चुनाव को लेकर रणनीति बनाने पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं का प्रयास है कि मतगणना के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों के अनुसार प्रधान पद के लिए मजबूत दावेदारी पेश की जाए।

निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर, बहुमत जुटाने की कवायद

मतगणना में अभी समय शेष होने के कारण दोनों प्रमुख दल अपने सदस्यों को एकजुट रखने में जुटे हैं। वहीं, प्रधान पद के दावेदार निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों से भी संपर्क साध रहे हैं। बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अंदरखाने राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। पंचायत समितियों में किस दल का पलड़ा भारी रहेगा, इसे लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है।

20 नवंबर को मतगणना, फिर तय होगी सत्ता की तस्वीर

पंचायतराज चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी। इसके बाद जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे तथा जिला प्रमुख और प्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मतदान और मतगणना के बीच लंबे अंतराल ने राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें मतगणना के साथ-साथ प्रधान और जिला प्रमुख पद के लिए बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।