नागौर

फर्जी अफसर बनकर डॉक्टर से 90 हजार की ठगी

ठग ने कहा, बच्चे की फीस जमा करानी है, नेफ्ट के जरिए वापस खाते में डाल दूंगा, मामला दर्ज, जांच शुरू

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Nov 20, 2017
dhagi
froud

मेड़ता सिटी.शहर के एक निजी चिकित्सक के साथ ठगी का मामला सामने आया है। निजी चिकित्सक को फोन कर ठग ने खुद को एससीपी बताया और कहा कि मेरे बच्चे के प्रॉब्लम हो गई है, फीस जमा करवानी है। आप मेरे बताए खाते में 45 हजार रुपए जमा करवा दो, मैं नेफ्ट के जरिए पुन: आपके खाते में डलवा दूंगा। कुछ देर बाद सीओ नागौर के नाम से भी ठग ने दूसरे नंबर से फोन किया और अपने बच्चे की फीस जमा कराने के लिए एक और खाता नंबर दे दिए। डॉ. ने अपने कर्मचारी को भेजकर दो खातों में 45-45 हजार रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद वापस डॉक्टर के खाते में पैसे नहीं आए, संबंधित नंबर भी स्विच ऑफ आ रहे थे, तब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ।
जानकारी अनुसार शहर के एक निजी चिकित्सालय के डॉक्टर मोहनलाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा कर बताया कि उनके नंबर पर 18 नंवबर को एक कॉल आई। ठग ने खुद को ग्रामीण एससीपी बताया और कहा कि मेरे बच्चे को प्रॉब्लम हो गई है, उसकी तुरंत फीस जमा करवानी है। इसलिए आप मेरे बताए खाता नंबर में 45 हजार रुपए जमा करवा दो, मैं नेफ्ट के जरिए आपके खाते में पैसे जमा करवा रहा हूं। कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर से और कॉल आया और इस बार ठग ने खुद को सीओ नागौर बताया और कहा कि मेरा बच्चा बाहर पढ़ता है और उसकी फीस जमा करानी है, आप मेरे बताए नंबर पर 45 हजार जमा करवा दो, मैं नेफ्ट के जरिए वापस पैसे जमा करवा दूंगा। तब डॉक्टर ने अपने कार्मिक को बैंक भेजकर दोनों खाता नंबरों पर 45-45 हजार रुपए जमा करवा दिए।

पैसे वापस नहीं आए तो हुआ शक
फर्जी एसीपी और सीओ बताकर दो खातों में पैसे जमा करवाने वाले ठग के नंबर पर जब कॉल नहीं लगा और डॉक्टर के खाते में नेफ्ट के जरिए पैसे नहीं आए तब डॉक्टर को ठगी होने का अहसास हुआ। उन्होंने बैंक से भी जानकारी हासिल की तो पता चला कि उनके खाते में किसी तरह का पैसा नहीं आया है। तब डॉक्टर ने मेड़ता सिटी पुलिस थाने में दोनों नंबरों से आए कॉल, ठग द्वारा बताए स्वयं के नाम, बैंक खाता संख्या आदि बताकर ठगी का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने संबंधित मामले की जांच शुरू की।

Published on:
20 Nov 2017 10:54 pm