
नागौर. जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जलदाय विभाग अपनी जलप्रदाय योजनाओं की जियो टैगिंग का कार्य अगले 20 दिनों में आवश्यक रूप से कर ले। जलदाय विभाग व चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करें। गौतम सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों तथा पानी-बिजली की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। कलक्टर ने कहा कि पानी में कोई खराबी पाई जाती है तो वहां पानी की आपूर्ति रोककर जलदाय विभाग अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से पानी उपलब्ध करवाएं।
पेयजल समस्या का हो समाधान
उन्होंने कहा कि जो कार्य जिला स्तर पर नहीं हो सकते हो उन कार्यों को करवाने के लिए राज्य सरकार से इजाजत की जरूरत हो तो ऐसे प्रकरण बनाकर जिला कलक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। जिससे ऐसे प्रकरणों पर राज्य सरकार स्तर पर आवश्यक अनुमति लेकर जनहित के कार्य शीघ्रता से किए जा सके। गौतम ने जलदाय विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि नावां क्षेत्र में पानी की समस्या का निदान करने के लिए स्थाई कार्य योजना बनाई जाए तथा उसमे होने वाले संपूर्ण व्यय के लिए राज्य सरकार को लेकर आवश्यक धनराशि स्वीकृत करवाई जाएगी।
विद्युत छीजत रोकने करें कार्रवाई
उन्होंने जिला कलक्टर ने डिस्कॉम अभियंता को निर्देश दें कि विद्युत छीजत रोकने के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाएं। सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि आमजन के कार्य तत्परता के साथ करें। कोई कार्य राजकीय नियमों में नहीं होता हो तो उसे तत्काल लौटाते हुए संबंधित व्यक्ति को यह बता दें कि उनके द्वारा बताया कार्य विभाग के नियमों के तहत नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले सभी आमजन को पूर्ण संतुष्ट करने का प्रयास अधिकारियों द्वारा किया जाना चाहिए।
बिजली चोरों पर हो कार्रवाई
कलक्टर ने कहा कि संपूर्ण जिले में एक साथ अभियान चलाकर विद्युत चोरी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करें। इसके लिए पुलिस व प्रशासन की आवश्यक इमदाद उपलब्ध करवाई जाएगी। बैठक में नगर परिषद आयुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी डॉ. अमित यादव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केएल मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र भार्गव सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।