
विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद राजस्थान में भले ही भाजपा की सरकार बन रही है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों ने कांग्रेस को समर्थन दिया है। नागौर जिले में भी सरकारी कर्मचारियों के करीब आधे वोट कांग्रेस को मिले हैं, जबकि करीब 33 प्रतिशत वोट भाजपा को और करीब 17 प्रतिशत वोट अन्य पार्टियों व निर्दलीयों को मिले हैं। इसके पीछे बड़ी वजह पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को माना जा रहा है। कांग्रेस ने ओपीएस को लागू करने की घोषणा की थी और कर्मचारियों की यह सबसे बड़ी मांग थी।
नागौर जिले की दस सीटों पर कुल 20 हजार 38 वोट पोस्टल बैलट से डाले गए, जिसमें 10 हजार 9 वोट कांग्रेस को, 6649 वोट भाजपा को तथा 3380 वोट अन्य को डाले गए। पोस्टल बैलेट से डाले गए वोटों में जिले की आठ सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा से अधिक वोट लिए, जबकि मेड़ता में भाजपा ने कांगेस से अधिक वोट लिए तथा खींवसर में कांग्रेस और भाजपा से अधिक आरएलपी ने वोट लिए।
प्रदेश की बात करें तो 199 विधानसभा सीटों पर 4 लाख 14 हजार 322 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलट से मतदान किया। इसमें सर्वाधिक 48 फीसदी वोट कांग्रेस को और भाजपा को 38 फीसदी वोट मिले। अन्य को 13 फीसदी पोस्टल बैलट मिले। पोस्टल बैलट में ज्यादातर जिलों में कांग्रेस ही आगे रही, लेकिन कुछ जिलों में भाजपा ने भी बाजी मारी।
इस प्रकार मिले पोस्टल वोट
विधानसभा - भाजपा - कांग्रेस - अन्य - कुल
लाडनूं - 570 - 1154 - 68 - 1792
डीडवाना - 415 - 1043 - 472 - 1930
जायल - 899 - 1035 - 310 - 2244
नागौर - 759 - 1409 - 111 - 2279
मकराना - 554 - 657 - 218 - 1429
डेगाना - 833 - 1250 - 152 - 2235
परबतसर - 498 - 1022 - 149 - 1669
नावां - 705 - 1291 - 68 - 2064
खींवसर - 515 - 385 - 898 - 1798
मेड़ता - 901 - 763 - 934 - 2598
कुल - 6,649 - 10,009 - 3380 - 20,038