
नागौर. राजस्थान में पुलिस विभाग लंबे समय से अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। खासकर उप निरीक्षक (एसआइ) और सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) के लगभग आधे पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर पुलिस थानों की कार्यप्रणाली, अपराध अनुसंधान, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को समय पर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने पर पड़ रहा है। स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि वर्ष 2021 की एसआइ भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद नई नियुक्तियां नहीं हो सकीं, वहीं विभागीय पदोन्नतियां भी समय पर पूरी नहीं हुई।
विधायक ललित यादव के सवाल के जवाब में सरकार ने जो जवाब दिया, उसके अनुसार पुलिस विभाग में कांस्टेबल से लेकर आईपीएस तक कुल 1 लाख 25 हजार 472 पद स्वीकृत हैं, इनमें केवल 97 हजार 458 पद ही भरे हुए हैं। यानी 28 हजार 14 पद रिक्त हैं। यदि पुलिस विभाग के तकनीकी अधिकारियों और अन्य सेवाओं के रिक्त पद जोड़ दिए जाएं तो कुल रिक्तियों की संख्या बढकऱ 29 हजार 513 तक पहुंच जाती है।
प्रदेश में पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों के पदों की स्थिति
पदनाम - स्वीकृत - कार्यरत - रिक्त
आइ.पी.एस. - 222 - 213 - 09
आर.पी.एस. - 1,241 - 1,017 - 224
पुलिस निरीक्षक - 2,313 - 1,753- 560
उप निरीक्षक/प्लाटूनकमाण्डर - 5,159 - 2,687 - 2,472
सहायक उप निरीक्षक - 12,313 - 6,180 - 6,133
हेड कांस्टेबल - 20,065 - 14,763 - 5,302
कांस्टेबल - 84,159 - 70,845 - 13,314
कुल - 1,25,472 - 97,458 - 28,014
मुख्य कड़ी कमजोर, कैसे सुधरे कानून व्यवस्था
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि पुलिस अधिकारियों के प्रमुख पदों पर ही भारी कमी बनी हुई है। प्रदेश में उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर के 5,159 स्वीकृत पदों में से केवल 2,687 पर अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 2,472 पद खाली हैं। इसी प्रकार सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) के 12,313 स्वीकृत पदों में केवल 6,180 पद भरे हुए हैं और 6,133 पद रिक्त हैं। यानी दोनों श्रेणियों में लगभग आधे पद खाली पड़े हैं। पुलिस निरीक्षक के भी 2,313 स्वीकृत पदों में 560 रिक्त हैं। तीनों ही पद पुलिस थानों की मुख्य कड़ी है और इनके ज्यादातर पद रिक्त होने से कानून व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2012 में पुलिस थानों की नफरी के मानक निर्धारित किए गए थे। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शहरी थानों में औसतन 60 तथा ग्रामीण थानों में 45 पद स्वीकृत हैं। एसआइ के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती तथा 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाते हैं, जबकि एएसआइ और हेड कांस्टेबल के अधिकांश पद विभागीय पदोन्नति से भरे जाते हैं। भर्ती और पदोन्नति में देरी के कारण यह पूरी शृंखला प्रभावित हुई है, जिससे निचले स्तर से लेकर अधिकारी स्तर तक रिक्तियां बढ़ती चली गईं।
अन्य सेवा के डेढ़ हजार पद रिक्त
पुलिस विभाग में केवल फील्ड स्टाफ ही नहीं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक सेवाओं में भी पर्याप्त मानव संसाधन का अभाव है। तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 26 स्वीकृत पदों में 23 रिक्त हैं। वहीं अन्य सेवाओं के 4,866 स्वीकृत पदों में 1,476 पद खाली हैं। इनमें चिकित्सा अधिकारी, विधि अधिकारी, कंप्यूटर विशेषज्ञ, प्रशासनिक कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और रसोइयों तक के पद शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारी के 42 में से 25 पद रिक्त हैं, जबकि लांगरी के 942 में से 479 पद रिक्त हैं।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिकारियों की कमी का असर अपराधों की जांच, कानून व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, चुनाव, त्योहारों और विशेष अभियानों पर पड़ रहा है। कार्यरत अधिकारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ है। विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि लंबित पदोन्नतियां शीघ्र पूरी करने, नई एसआइ भर्ती प्रक्रिया को गति देने तथा रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करना प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक हो गया है।