
नागौर. विश्वस्तरीय रामदेव पशु मेला को में इस बार कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, मटकी फोड़, मटकी दौड़ एवं मेंहदी आदि के कार्यक्रम कराए जाएंगे। मेला में दुकानें भी लगाई जाएगी। दुकानों में जूतियां, हथकरघा, लौह निर्मित आदि की दुकानें भी इस बार लगी हुई नजर आएंगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार योगी के साथ हुई बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है। आयोजकों का प्रयास इन प्रतियोगिताओं में विदेशी सैलानियों को भी शामिल कराने का रहेगा। ताकि स्वदेशी एवं विदेशी सैलानियों के साथ मिली-जुली टीम रामदेव पशु मेला में खेलेगी तो फिर इसके प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन विभाग के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी इस बार नए रंगांरंग कार्यक्रम भी कराए जाने की योजना है।
जोधपुर रोड स्थित विश्वस्तरीय रामदेव पशु मेला के प्रति लोगों के घटते रुझान को देखते हुए अब प्रशासन ने इस मेला में खेल प्रतियोगिताओं को भी कराने का फैसला लिया है। इस पर अपनी सहमति की अपनी मुहर भी लगा दी है। अतिरिक्त जिला कलक्टर योगी के साथ हुई बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बार खेल प्रतियोगिताएं अब हर हाल में कराई जाएगी। ताकि इस मेला के प्रति विदेशी एवं स्वदेशी दोनों ही जुड़ाव महसूस करने के साथ इससे जुड़े रहे। बैठक में कबड्डी, रस्साकसी, मटकी, मेंहदी, मटकी फोड़ आदि प्रतियोगिताओं को कराने से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान इनके आयोजन पर अंतिम मुहर लगाते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर योगी ने इसे कराए जाने की तैयारियां करने के लिए कहा है। इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐन मौके पर किसी भी प्रकार की किन्तु-परन्तु की स्थिति नहीं आनी चाहिए। प्रयास रहेगा कि इसमें से मेंहदी प्रतियोगिता एवं कबड्डी व रस्साकसी में विदेशी सैलानियों की भी सहभागिता रहे। इसके लिए पर्यटन विभाग को जिला कलक्टर की ओर से अपने प्रयास तेज करने के लिए कहा गया है। सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से चला तो पहली बार विदेशी सैलानी भी कबड्डी में ताल ठोंकते हुए नजर आएंगे।
इन दुकानों को भी मेला में लगाया जाएगा
रामदेव पशु मेला में मिट्टी के विभिन्न आकृतियों में ढली प्यालियां, कप, झालरें, डिजाइनदार सुराहियां, गुलदस्ते, ग्लास आदि के दुकानदारों सें संपर्क कर इनकी दुकानें भी मेला में लगवाने के लिए कहा गया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार योगी ने इस संंबंध में जिला उद्योग अधिकारी से प्रयास कर दुकानदारों से संपर्क कर इनको सुनिश्चित रूप से लगवाने के लिए निर्देशित किया है। इसके साथ ही मेला में हस्तनिर्मित लौह सामग्रियों की स्टॉलें भी लगाने के लिए कहा गया है। नागौर से ही प्लास, कटर आदि की कई संयंत्र व्यापक मात्रा में बनाकर आपूर्ति के लिए बाहर भेजे जाते हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर योगी ने नागौर से निर्मित हस्तकला के ऐसे उत्पाद जो बाहरी क्षेत्रों में अपनी धूम मचा रहें हैं, की दुकानें भी यहां लगवाए जाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसके अलावा हथकरघा एवं जूतियां आदि की स्टॉलें लगाने के लिए जिला उद्योग की ओर से अतिरिक्त प्रयास कर इसको सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। ताकि मेला इस बार अपने बदले हुए स्वरूप में नजर आने के साथ ही लोगों के आकर्षण का एक प्रमुख केन्द्र बन सके। जिला उद्योग अधिकारी बजरंग सांगवा, जिला खेल अधिकारी सोहनलाल गोदारा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मूलाराम जांगू आदि मौजूद थे।
इनका कहना है...
रामदेव पशु मेला में पांरपरिक खेलों में कबड्डी, रस्साकसी, मटकी फोड़ आदि की प्रतियोगिताओं के साथ ही हथकरघा एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की दुकानें भी पहली बार लगी हुई नजर आएगी। इनके लिए सहमति बन चुकी है। बैठक में इस संंबंध में चर्चा भी हो चुकी है।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन नागौर