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क्रिकेट सट्टे के बड़े नेटवर्क तक जयपुर पहुंची नागौर पुलिस, डिवाइस व उपकरण जब्त

प्रशिक्षु आइपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में कार्रवाई, फरवरी में पकड़ा था क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा, अब तक तीन आरोपी हो चुके गिरफ्तार, जयपुर की कम्पनी के संचालक फरार

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क्रिकेट सट्टे के बड़े नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी, डिवाइस व उपकरण जब्त

क्रिकेट सट्टे के बड़े नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी, डिवाइस व उपकरण जब्त

नागौर. क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले गिरोह से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए नागौर टीम ने शनिवार को जयपुर में दबिश देकर लेपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। गत फरवरी में नागौर में कार्रवाई से की गई शुरुआत अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए आगे बढ़ाई गई है।

जांच अधिकारी प्रशिक्षु आइपीएस अदिति उपाध्याय ने बताया कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के मामले की जांच में सामने आया कि जयपुर के वैशालीनगर में संचालित एक कम्पनी का पूरे राजस्थान में नेटवर्क है। जो ऑनलाइन गैम्बलिंग के लिए वेबसाइट बनाकर सटोरियों को आइडी एवं पासवर्ड देते है। यह बड़े स्तर का मामला है, इसमें करोड़ों रुपए के लेनदेन और कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस टीम ने जयपुर स्थित सेनेरियन आइटी सोल्यूशन कम्पनी के कार्यालय से काफी संख्या में डिवाइस सीज की हैं। इसके संचालकों की तलाश की जा रही है।

यूं हुई कार्रवाई की शुरुआत

प्रशिक्षु आइपीएस उपाध्याय के नेतृत्व में नागौर कोतवाली पुलिस व डीएसटी ने गत 24 फरवरी की रात को क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले रोल निवासी अशोक भाटी और चेनार निवासी हिम्मताराम गहलोत को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 23 डायरी-रजिस्टर, एक बिल बुक, एक चेक बुक, वाई-फाई सेट, कंप्यूटर, लैपटॉप, तीन एटीएम कार्ड और चार मोबाइल जब्त किए थे। इन्हें खंगालने पर लाखों रुपए के लेन-देन का पता चला। यह संगठित तरीके से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाला संगठित गिरोह निकला।

आइटी एक्सपर्ट सहित पूरी चेन

आरोपी अशोक भाटी व हिम्मताराम गहलोत से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जयपुर से आइटी एक्सपर्ट प्रशांत को गिरफ्तार किया। उसने कई राज खोले। पता चला कि जयपुर से प्रदेशभर में सट्टेबाजों की पूरी चेन है।

सात साल से चल रहा कारोबार

पुलिस जांच में पता चला कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा का कारोबार सात साल से चला रहे थे। सटोरियों ने खुद का ट्रंप-24 ऐप बना रखा था। इसके माध्यम से लोगों को आइडी-पासवर्ड उपलब्ध करवाते और फिर ऑनलाइन भुगतान से सट्टा करवाते। इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से क्रिकेट मैच के भाव की सूचनाएं आदान-प्रदान करते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जयपुर के बड़े बुकी से आइडी लेकर आगे देने का खुलासा किया। खुद का ऐप होने से धंधे की पूरी कमांड इन्हीं के पास रहती थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने ‘ट्रंप 24’ ऐप को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटवा दिया था। इससे पुलिस का शक गहरा गया और जांच का दायरा बढ़ाते हुए जयपुर स्थित कम्पनी के कार्यालय पर दबिश देकर डिवाइस जब्त किए हैं।