
-विशेष परिधान पहन सोजत से आई रामस्नेही मंडली ने किया नृत्य
मेड़ता सिटी/नागौर. समीपस्थ रामस्नेही संप्रदाय के दरियाव खेजड़ा आश्रम में फागोत्सव सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विशेष परिधान पहन कर हाथों में चंग, नगाड़े, रंग-बिरंगी छतरियां लेकर भजन-कीर्तन करते हुए फाग नृत्य किया। आश्रम में प्रवचन सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम हुए। धार्मिक कार्यक्रमों के तहत धर्मसभा में संत पांचाराम महाराज ने कहा कि मनुष्य को हमेशा ईश्वर की भक्ति में लीन रहते हुए सद्कार्य करने चाहिए।
वाणी में मधुरता व सत्यता
संत ने कहा कि मनुष्य की वाणी में हमेशा मधुरता और सत्यता होनी चाहिए। जो व्यक्ति सदैव सत्य व धर्म के साथ रहता है और प्रभु का स्मरण करता है, ईश्वर स्वयं ऐसे भक्तों की रक्षा करते हैं। प्रवचन से पहले आश्रम में फागोत्सव मनाया गया। इस दौरान सोजत से पहुंचे रामस्नेही परिवार, मेड़ता, रेण सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने विशेष तरह के परिधान पहने और हाथों में चंग, नगाड़े, विशेष प्रकार से सजाई गई रंग-बिरंगी छतरियां लेकर भजन-कीर्तन करते हुए फाग-नृत्य किया।
सत्संग से मिटती है चिंताएं
समीपस्थ बग्गड़ गांव में बुधवार को सत्संग एवं प्रवचन करते हुए संत पांचाराम महाराज ने कहा कि सद्गुरु का हमारे ऊपर बहुत उपकार है। जगत में जगदीश के दर्शन करने की दृष्टि गुरुदेव ने ही दी है। उन्होंने ज्ञान चक्षु प्रदान किए है। उन्होंने कहा कि जो शिष्य जिज्ञासा को लेकर गुरु ? शरण में जाता है, उनका कल्याण संभव है। सत्संग से क्लेश व चिंताएं मिटती है और जीव परमानंद को प्राप्त होता है।
साधना से दिव्य जीवन
साधना व भजन से दिव्य जीवन प्राप्त होता है। इस अवसर पर संत हरिदास महाराज, रमताराम महाराज, सरपंच रामरतन जाजड़ा, भीखाराम अजनबी, जोराराम बेनीवाल, पूनाराम पोटर, नरसीराम मेघवाल, देवीलाल, रामकरण बेनीवाल, जोराराम जाजड़ा, भारमलराम, रघुनाथराम पिंडेल, पुरखाराम जांगिड़, सुवा पुरी, राधेश्याम सोनी, सुगनाराम, हुक्मीराम घटेला सहित श्रद्धालु मौजूद थे।