
नागौर में कैसी रही रही बरसात---मौसम का ताजा अपडेट---खेत लबालब हुए या सूखे रह गए फिर...!
नागौर. विकट गर्मी के साथ उमस के बीच परेशान जिले को सोमवार शाम हुई बारिश से राहत मिली। इसमें सर्वाधिक 70 एमएम बारिश मकराना में हुई। जिले में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों में मकराना में अब तक 262 एमएम बारिश चुकी है। बारिश के दौरान जायल में जहां एक मकान भरभराकर गिर गया, वहीं शहरी क्षेत्रों में सडक़ों पर बरसात के दौरान नदी बहती नजर आई। फिलहाल कोई जनहानि की खबर नहीं है।
ग्रामीण एवं शहर क्षेत्रों में सोमवार को जमकर बरसात हुई। झमाझम हुई बारिश से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चारों ओर पानी भरा नजर आया। डेगाना, जायल, रियाबड़ी, पबरतसर, मौलासर, नागौर, नावां, मेड़ता, मूण्डवा, मकराना एवं कुचामन क्षेत्र के इलाके बरसात से लबालब भरे नजर आए। गूढ़ा साल्ट एवं दुगस्ताऊ आदि गांवों के मुख्य मार्गों एवं संपर्क मार्गों पर पानी का दरिया बहता रहा। कई जगह खेतों में भी पानी भरा रहा। गांवों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में जमकर हुई बरसात से कई घंटे तक सडक़ों पर पानी भरा रहने के कारण यातायात प्रभावित रहा। बरसात के दौरान बाहर निकले लोग बारिश लोग काफी देर तक पानी में फंसे रहे। घंटों की प्रतीक्षा के बाद पानी निकला, तब जाकर लोग अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए।
बरसात ने जमकर भिगोया, खेतों में भरा पानी, सडक़ों पर बहा दरिया
नागौर. विकट गर्मी के साथ उमस के बीच परेशान जिले को सोमवार शाम हुई बारिश से राहत मिली। इसमें सर्वाधिक 70 एमएम बारिश मकराना में हुई। जिले में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों में मकराना में अब तक 262 एमएम बारिश चुकी है। बारिश के दौरान जायल में जहां एक मकान भरभराकर गिर गया, वहीं शहरी क्षेत्रों में सडक़ों पर बरसात के दौरान नदी बहती नजर आई। फिलहाल कोई जनहानि की खबर नहीं है।
ग्रामीण एवं शहर क्षेत्रों में सोमवार को जमकर बरसात हुई। झमाझम हुई बारिश से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चारों ओर पानी भरा नजर आया। डेगाना, जायल, रियाबड़ी, पबरतसर, मौलासर, नागौर, नावां, मेड़ता, मूण्डवा, मकराना एवं कुचामन क्षेत्र के इलाके बरसात से लबालब भरे नजर आए। गूढ़ा साल्ट एवं दुगस्ताऊ आदि गांवों के मुख्य मार्गों एवं संपर्क मार्गों पर पानी का दरिया बहता रहा। कई जगह खेतों में भी पानी भरा रहा। गांवों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में जमकर हुई बरसात से कई घंटे तक सडक़ों पर पानी भरा रहने के कारण यातायात प्रभावित रहा। बरसात के दौरान बाहर निकले लोग बारिश लोग काफी देर तक पानी में फंसे रहे। घंटों की प्रतीक्षा के बाद पानी निकला, तब जाकर लोग अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुए।