
महिला बैंक प्रबंधक सारिका चौधरी और पकड़े गए दो बदमाश
राजस्थान के नागौर जिले के मूंडवा कस्बे में स्थित यूको बैंक की शाखा में एक बड़ी और शातिर तरीके से रची गई एटीएम लूट की साजिश को बैंक के ई-सर्विलांस के साथ ही महिला बैंक प्रबंधक की सूझबूझ और दिलेरी और पुलिस की सतर्कता ने नाकाम कर दिया। बदमाश अपनी पूरी तैयारी के साथ बैंक के एटीएम बूथ में घुसे थे और उनके पास कटर मशीन व ड्रिल जैसी आधुनिक चीजें भी थीं। लेकिन बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम से मिले तुरंत अलर्ट और महिला शाखा प्रबंधक सारिका चौधरी की गजब की सूझबूझ के चलते बदमाशों के मंसूबों पर पानी फिर गया। गश्त कर रही पुलिस ने महज कुछ ही मिनटों के भीतर मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया, जिससे एटीएम में रखे लगभग 16 लाख रुपए सुरक्षित बच गए।
यह पूरी घटना रविवार को मध्यरात्रि करीब 2 बजकर 2 मिनट की है। यूको बैंक के अजमेर अंचल के सुरक्षा अधिकारी गौतम नागर को अचानक बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम से मूंडवा शाखा के एटीएम के अंदर संदिग्ध गतिविधि होने का अलर्ट मिला। सुरक्षा अधिकारी ने बिना एक भी सेकंड गंवाए तुरंत मूंडवा शाखा की प्रबंधक सारिका चौधरी को फोन पर इसकी सूचना दी।
अलर्ट मिलने के महज 10 मिनट के भीतर शाखा प्रबंधक सारिका चौधरी अपने पति के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने देखा कि एटीएम का शटर थोड़ा नीचे था और अंदर दो संदिग्ध व्यक्ति हरकत कर रहे थे। बिना घबराए और बिना कोई शोर मचाए उन्होंने अत्यंत बहादुरी का परिचय देते हुए एटीएम का दरवाजा बाहर से ही लॉक कर दिया और तुरंत 2 बजकर 13 मिनट पर पुलिस को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के केवल आठ मिनट के भीतर यानी 2 बजकर 2 मिनट पर मूंडवा थाने की गश्त कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शटर उठाकर अंदर छिपे दोनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि बैंक कर्मचारियों की आगामी तीन दिन की संभावित छुट्टियों और हड़ताल के चलते एटीएम में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक नकदी डाली गई थी।
घटना के समय उस एटीएम में कुल 16 लाख 200 रुपए की नकदी मौजूद थी। यदि पुलिस और बैंक मैनेजर थोड़ी सी भी देर करते, तो आरोपी पूरी रकम उड़ा ले जाते।
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी अपनी पहचान छिपाने के पूरे इंतजाम के साथ आए थे। उन्होंने अपने सिर और मुंह पूरी तरह ढंके हुए थे और हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे। सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचने के लिए उन्होंने कैमरों के लेंस पर ग्रीस लगा दिया था ताकि कोई फुटेज रिकॉर्ड न हो सके।
अपने साथ कटर मशीन और ड्रिल लेकर आए इन बदमाशों ने एटीएम के तारों को काटने के बाद ऊपर के बॉक्स को भी काट दिया था। वे रुपये निकालने वाली मुख्य ट्रे तक पहुंचने की कोशिश में जुटे थे, तभी पुलिस ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने इस मामले में मूंडवा बाइपास पर स्थित एक होटल के संचालक भरत प्रजापत (पुत्र फुताराम प्रजापत) और उसकी होटल पर काम करने वाले बिहार निवासी कोमल कुमार को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में दोनों को शांति भंग के आरोप में पकड़ा गया था, और बाद में बैंक प्रबंधन की आधिकारिक शिकायत पर एटीएम लूट के प्रयास की गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया।
बैंक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल का यह एक बेहतरीन उदाहरण रहा। यूको बैंक के सुरक्षा अधिकारी गौतम नागर और मूंडवा थाना प्रभारी पूरबाराम बुगालिया ने बताया कि तकनीकी उपकरणों के सही समय पर उपयोग और पुलिस की त्वरित गश्त टीम की वजह से एक बड़ी वारदात होने से बच गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
Updated on:
29 Sept 2026 09:53 am
Published on:
29 Sept 2026 09:53 am
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