Indian 10-rupee coin: मेड़ता शहर में जाकर दस के सिक्के देकर सामान खरीदते हैं तो दुकानदार सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दस रुपए का सिक्का लेने पर दुकानदारों ने अघोषित रोक लगा रखी है।
Rajasthan News: रियांश्यामदास कस्बे सहित आसपास के गांवों के दुकानदार भी दस रुपए का सिक्का लेने से इनकार करने लगे हैं। ग्रामीण मेड़ता शहर में जाकर दस के सिक्के देकर सामान खरीदते हैं तो दुकानदार सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दस रुपए का सिक्का लेने पर दुकानदारों ने अघोषित रोक लगा रखी है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना था कि हम 10 रुपए का सिक्का लेने को तैयार हैं, लेकिन हमसे आगे सिक्के कौन लेगा? जब उन्हें बताया गया कि बैंक सिक्के जमा करता है तो एक व्यापारी ने कहा कि मेरे पास 150 सिक्के सिक्के रखे हैं, बैक लेने को तैयार नहीं है। इस संबंध में कस्बे के आरएमजीबी के मैनेजर अभिमन्यु सिंह शेखावत ने बताया कि बैंक 10 रुपए के सिक्के लेने से कभी मना नहीं करता है, जो उपभोक्ता सिक्के लेकर आया बैंक ने सिक्के जमा किए हैं। दुकानदारों का कहना है कि 10 रुपए के सिक्के का देशभर में चलन है, लेकिन मेड़ता शहर सहित उपखण्ड क्षेत्र के गांवों में इसे लेकर कई तरह की अफवाह हैं।
गांवों में दस रुपए के सिक्के नहीं लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं होने से वे ग्राहकों को सिक्के लेने से मना कर रहे हैं।
दस रुपए का सिक्का लेने में कोई परेशानी नहीं हैं, लेकिन बाजार में आगे कोई भी लेने को तैयार नहीं है। कोई लेवे तो हम भी लेने को तैयार हैं।
अकरम, मोटर वाइडिंग दुकानदार
दस रुपए के सिक्के हमसे कोई नहीं लेता है। इसलिए हम भी ग्राहकों को इनकार कर देते हैं। कई बार ग्राहक खुद सिक्के लेने से मना करते हुए कहते हैं ये चलते ही नहीं हैं नोट दो।
दिनेश, दुकानदार