पिछले तीन साल में ओवरस्पीड से चलने वाले वाहनों के खिलाफ इंटरसेप्टर से 52 हजार से अधिक चालान काटकर 5 करोड़ 23 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया
नागौर. जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम कसने के लिए यातायात पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई में इंटरसेप्टर वाहन ने बड़ी भूमिका निभाई है। पिछले तीन साल में ओवरस्पीड से चलने वाले वाहनों के खिलाफ इंटरसेप्टर से 52 हजार से अधिक चालान काटकर 5 करोड़ 23 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है।
कोरोना काल के बाद जिले में ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में जबरदस्त तेजी आई है। वर्ष 2021 में जहां केवल 181 चालान काटे गए, वहीं 2022 में यह संख्या बढकऱ 5,313 हो गई। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 14,246 तक पहुंच गया। इसके बाद 2024 में 19,538 और 2025 में 18,561 चालान काटे गए। इस तरह पिछले तीन वर्षों में कुल 52,345 चालान कर बड़ी राशि वसूली गई।
सड़क हादसे भी चिंता का कारण
जिले में सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2020 में 299 हादसों में 237 लोगों की मौत हुई, जबकि 2025 में हादसों की संख्या बढकऱ 414 और मृतकों का आंकड़ा 309 तक पहुंच गया। इससे साफ है कि तेज रफ्तार पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
नागौर जिले में सड़क हादसों पर एक नजर
वर्ष - हादसे - मौतें - घायल
2020 - 299 - 237 - 212
2021 - 355 - 279 - 319
2022 - 371 - 241 - 398
2023 - 394 - 266 - 402
2024 - 388 - 278 - 365
2025 - 414 - 309 - 406
एक ही इंटरसेप्टर से हो रही कार्रवाई
वर्तमान में नागौर यातायात पुलिस के पास केवल एक ही इंटरसेप्टर वाहन है, जिसे अलग-अलग स्थानों पर लगाकर कार्रवाई की जाती है। बावजूद इसके पुलिस लगातार ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
दो और इंटरसेप्टर मिलने की उम्मीद
सडक़ हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से तत्कालीन जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने 7 अक्टूबर 2025 को परिवहन एवं सडक़ सुरक्षा विभाग के शासन सचिव व आयुक्त तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात को पत्र लिखकर जिले में होने वाले सडक़ हादसों की जानकारी देते हुए दो इंटरसेप्टर वाहन और 5 स्पीड गन माउटेड मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराने की मांग की थी। अब इनके जल्द मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्रवाई का असर दिख रहा है
हमारे पास अभी एक इंटरसेप्टर है, जिससे अलग-अलग जगह खड़ी करके तेज गति से चलने वाले वाहनों के चालान काटे जाते हैं। लगातार हो रही कार्रवाई का वाहन चालकों में असर दिख रहा है। खासकर रोजाना सफर करने वाले वाहन चालक अब गति का विशेष ध्यान रखते हैं और दूसरों को भी बताते हैं। हमाने दो इंटरसेप्टर वाहन और मांगे हैं, जिनके जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कार्रवाई को और बढ़ाएंगे।
- उम्मेदसिंह, डीएसपी, यातायात, नागौर