
रियांबड़ी (नागौर). रियां बड़ी कस्बे के निकट ग्राम सूरियास-रोहिसा ग्रेवल सड़क मार्ग पर रविवार तड़के 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से अवैध बजरी से भरा डम्पर जल गया, साथ ही चालक की भी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद मृतक के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर रियां पहुंचे परिजनों ने एक बार शव उठाने से मना कर दिया, लेकिन बाद में पुलिस और प्रशासन की समझाइश वार्ता में सहमति बनने पर परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाकर शव ले लिया। हालांकि पुलिस ने परिजनों से समझाइश कर इस मामले को एक बार शांत कर दिया है, लेकिन घटनास्थल स्थिति एवं सोशल मीडिया पर वायरल फोटो-वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस बता रही यह मामला
रविवार तड़के बजरी की खान से जायल तहसील क्षेत्र के खेराट निवासी डम्पर चालक भंवरनाथ पुत्र भुगाननाथ रियांबड़ी के समीप ग्राम सूरियास से रोहिसा जाने वाले ग्रेवल मार्ग पर बजरी भरकर जा रहा था कि ऊपर से गुजर रही बिजली की 11 केवी लाइन के चपेट में आ गया। इसी दौरान रात्रि में अवैध बजरी खनन को रोकने व गश्त कर रहे डेगाना पुलिस उप अधीक्षक अंतर सिंह शयोरान डम्पर में लगी आग को देखकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां मौके पर चालक नीचे गिरा पड़ा मिला। ऐसे में पादूकलां थानाधिकारी अनिल देव कल्ला को सूचित कर घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। इस पर जाप्ते के साथ पहुंचे थानाधिकारी कल्ला ने शव को रियांबड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की मोर्चरी में पहुंचाया।
परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार
डम्पर में लगी आग के कारण समीप के खेतों की बाड़ें भी चपेट में आ गई। खेत मालिक ने सरपंच को फोन कर घटना की जानकारी दी। इस पर समाज सेवी नीलू सिंह, श्रवण सिंह आदि मौके पर पहुंचे तथा दमकल को बुलाकर आग पर काबू पाया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आधार कार्ड के द्वारा मृतक की शिनाख्त के बाद परिजनों को सूचित किया। तीन घंटे बाद रियां पहुंचे मृतक के परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। उन्होंने पुलिस की कार्य शैली पर सवाल खड़ा करते हुए मामले की उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग की। मामला बढ़ता देख रियांबड़ी उपखंड अधिकारी गौरीशंकर शर्मा, तहसीलदार सांवरलाल अबासरा, जायल पुलिस उप अधीक्षक दिनेश सिंह रहोडिय़ा, थानाधिकारी अनिल देव कल्ला, एएसआई पुखराज पारीक, सुखराम मोकाला, रामाकिशन सींवर आदि ने रियां पहुंचकर परिजनों से समझाइश की। काफी देर समझाइश के बाद परिजन शव उठाने को राजी हो गए।
चर्चा का रहा विषय
अवैध बजरी परिवहन कर रहे भंवरनाथ की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो एवं फोटो तथा ग्रामीणों के अनुसार डम्पर चालक खान से अवैध बजरी भरकर सूरियास-रोहिसा ग्रेवल सड़क पर जा रहा था। इसी दौरान रात्रि गश्त कर रही पुलिस की टीम ने उसे पकडऩे के लिए पीछा किया तो उसने कार्रवाई से बचने के लिए चलते हुए लिफ्ट ऊंची कर दी, जिससे ऊपर से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन डम्पर से टच हो गई और करंट आने से डम्पर में आग लग गई। करंट आने व जलने से चालक की भी मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद पीछा कर रही पुलिस ने शव को रियां अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। दुर्घटना स्थल पर रास्ते पर पड़ी बजरी इस बात को और पुख्ता करती है कि चालक ने खाली करने का प्रयास किया था।
मैं तो रात्रि गश्त पर था
अवैध बजरी खनन क्षेत्र की गश्त के दौरान सूरियास मार्ग पर वाहन में आग धधकते दृश्य नजर आया। इस पर हम वहां निरीक्षण के लिए पहुंचे तो वहां डंपर चालक नीचे गिरा मिला। सोशल मीडिया पर मौत और अफरा तफरी की घटना की वायरल हुई पोस्टें मनगंढत और निराधार है।
-अंतर सिंह श्योरान, पुलिस उप अधीक्षक, डेगाना