नागौर

राजस्थान के गांवों में पहुंचा एमडी-स्मैक का नशा, इसकी जद में युवा और नाबालिग; प्रशासन अंकुश लगाने में विफल

तेजी से बढ़ रहा नशे के अवैध कारोबार का नेटवर्क, पिछले पांच महीनों में सबसे ज्यादा फैला, युवा और नाबालिग तक आए इसकी जद में।

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Apr 06, 2024
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नागौर। राजस्थान में एमडीएम और स्मैक जैसे गंभीर नशे आसानी से गांवों तक पहुंच रहे हैं। जिसका शिकार राजस्थान के युवा और नाबालिग हो रहे हैं। राज्य का नागौर जिला इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। क्षेत्र में नशे का कारोबार दिनों दिन-प्रतिदन बढ़ रहा है। पिछले दो माह में पुलिस ने कार्रवाई कर नशे का अवैध कारोबार करने वालों को गिरफ्तार भी किया। इससे एक बार लगा कि अब नशा करने वालों और नशा बेचने वालों पर अंकुश लगेगा। लेकिन दो-तीन दिन शांति के बाद फिर से सप्लाई होने लगा है ।

जानकारी के अनुसार आस पास के गांवों में अनेक युवा मादक पदार्थ एमडीएम व स्मैक का सेवन करने लगे हैं। इससे अपराध भी बढ़ रहे हैं । परिजनों की हालत खराब है वे अपनी औलाद को इससे छुटकारा चाहते हैं लेकिन एक बार इसकी लत लगने के बाद छुटकारा मिलना काफी मुश्किल होता है। फरड़ोद, रोल, खेरवाड़, सोमणा, हरिमा सहित कई गांवों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबारी मौजूद हैं । पुलिस ने यहां से कईयों को पकड़ा भी है।

नशे के कारोबार से क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ने लगा है। समाज में अपराधियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। कस्बे के लोग कई बार पुलिस थाने में आयोजित सीएलजी की बैठकों में इस मुद्दे को उठा चुके हैं।

एमडी स्मैक में गिरफ्तार लोगों की जमानत होने पर युवा सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाते हैं ‘मेरा यार जमानत पे आया’ वे युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बन बैठे हैं। इधर , नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भी ऊंट के मुंह में जीरा के समान नजर आती है। एक साल से रोजाना अवैध मादक पदार्थ पकड़ा जा रहा है, लेकिन लेकिन आपूर्ति कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।

स्थानिय पुलिस अधिकारी का कहना है कि पुलिस मादक पदार्थ सप्लायरों के खिलाफ लगातर कार्रवाई कर रही है। मुखबिर व अन्य सूत्रों से पता करने के बाद इन सप्लायरों की क्षेत्र में कमी आई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। युवा वर्ग से आग्रह है कि नशे की जद से बाहर निकले और अपने परिवार की बदनाम से बचे।

Published on:
06 Apr 2024 08:43 pm
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