
मेड़ता की कृषि उपज मंडी को विशिष्ठता का दर्जा किस आधार पर मिला, इसे यह आंकड़े बयां करते हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के 9 महीने और अंग्रेजी साल बीत चुका है। दिसंबर तक मंडी 10.41 लाख क्विंटल कृषि जिंस की आवक के साथ 1 हजार करोड़ से अधिक का कारोबार कर सरताज बनी हुई है। देश-विदेशों की रसोईयों में जायका बढ़ाने वाले मेड़ता के प्रसिद्ध जीरे का अकेले सर्वाधिक 273 करोड़ का व्यापार हुआ है। इसलिए मंडी की आवक और व्यापार को प्रदेश के अग्रणी मंडियों में शामिल किया जाता है।
अब ये भी जान लीजिए की इस रेकॉर्ड आवक और सुपर से ऊपर कारोबार के पीछे की वजह क्या है। कारण है यहां के कारोबर की पारदर्शिता, किसानों का विश्वास और व्यापारियों का समर्पण भाव। ऐसा नहीं है कि प्रदेश की अन्य मंडिया आवक व कारोबार में पीछे हैं, लेकिन यह तीनों कारण मेड़ता मंडी को खास बनाते हैं। 1 लाख आबादी वाले इस शहर में केवल एक उद्योग से 1011.63 करोड़ का कारोबार अपने आप में एक बड़ी बात है। यह मंडी ही मेड़ता के विकास की मजबूत पैरवी करती है, भले ही खुद अभी कुछ सुविधाओं और व्यवस्थाओं की मोहताज हो।
वित्तीय वर्ष के 9 माह में इस तरह आवक
फसल आवक कारोबार
(करोड़ में)
मूंग 373796 250.65
ग्वार 256869 115.22
सरसों 235720 108.98
सौंफ 71500 111.13
जीरा 70472 273.86
ईसबगोल 69255 142.01
कपास 27500 18.31
पिछले वित्तीय वर्ष से आवक कम, लेकिन कारोबार ज्यादा, कारण बढ़े जीरे के भाव
कृषि उपज मंडी में अगर पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में अप्रेल से दिसंबर की बात करे तो 12.52 लाख क्विंटल कृषि जिंसों की 9 महीनों में आवक हुई थी। जिससे 894.51 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। जबकि इस वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान आवक 10.47 लाख क्विंटल की ही हुई मगर कारोबार 1011.63 करोड़ रुपए का हुआ है। जिसका एकमात्र कारण जीरे के भाव दोगुने होना और पिछले कुछ महीनों में मूंग के भाव भी बढ़ना है।
फैक्ट फाइल:-
10.47 लाख क्विंटल कुल जिसों की आवक अप्रेल से दिसंबर 2023 तक।
1011.63 करोड़ का कारोबार वित्तीय वर्ष के 9 माह माह में।
273.86 करोड़ का सर्वाधिक कारोबार जीरे का इस 9 महीने की अवधि में।
1.04 लाख क्विंटल जिंसों की आवक दिसंबर के ऑफ सीजन में।
58962 क्विंटल आवक अकेले नवंबर माह में।