
नंदवाण गांव का बुजुर्ग जिसके चेहरे पर मुिक्खयों के डंक और थाली में भरी मिक्खयां जो उसके पेट से निकाली गई।
डीडवाना. नजदीकी नंदवाण गांव में घोड़ा मक्खियों (मधुमक्खियों) के अचानक हुए हमले ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। खेत में बने मकान के पास मौजूद लोगों पर मक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 71 वर्षीय मानसिंह पर मक्खियों ने सबसे अधिक हमला किया। पति को सैकड़ों डंक लगते और दर्द से तड़पते देख उनकी पत्नी रतन कंवर 68 गहरे सदमे में आ गईं। घबराहट के बीच उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में करीब 15 लोग घायल हो गए, जिनमें कई का उपचार अस्पताल में जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत में बने मकान के आसपास अचानक घोड़ा मक्खियों का झुंड आ गया और वहां मौजूद लोगों पर टूट पड़ा। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बुजुर्ग मानसिंह मक्खियों के हमले की चपेट में आ गए। उनके शरीर और चेहरे पर बड़ी संख्या में डंक लगे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही निंबी जोधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 108 एंबुलेंस की चार से अधिक गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को डीडवाना के राजकीय बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रतन कंवर को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में भर्ती मानसिंह के पूरे शरीर और चेहरे पर सैकड़ों डंक के निशान मिले। चिकित्सकों के अनुसार हमले के दौरान उनके मुंह में दांत नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में घोड़ा मक्खियां मुंह के रास्ते अंदर चली गई थीं। उपचार के दौरान उल्टी के माध्यम से कई मक्खियां बाहर निकाली गईं। चिकित्सकों ने बताया कि गंभीर हमले के बावजूद अब उनकी हालत स्थिर है और उपचार जारी है।
घटना के बाद प्रशासन के निर्देश पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते को सुरक्षित तरीके से हटाया। हादसे के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों का सर्वे कर आबादी के आसपास बने खतरनाक छत्तों को समय रहते हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
Updated on:
15 Jul 2026 01:42 pm
Published on:
15 Jul 2026 01:42 pm
