
Hanuman Beniwal : नागौर में पादूकलां पुलिस ने सांसद हनुमान बेनीवाल सहित कई नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए नेशनल हाईवे 58 पर चक्काजाम कर यातायात और आपातकालीन सेवाओं को बाधित करने का आरोप है। पादूकलां पुलिस ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सहित करीब 200 से 250 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार 13 जनवरी को रियां बड़ी में एक सभा में सांसद हनुमान बेनीवाल, पूर्व विधायक दिलीप चौधरी, पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी, रालोपा प्रदेश सह-प्रभारी प्रभाती लाल जाट, पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल माली तथा पूर्व प्रधान प्रतिनिधि चेनाराम गोदारा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया था। आरोप है कि सभा के दौरान निषेधाज्ञा के बावजूद लोगों को आंदोलन, रोड जाम और जयपुर कूच के लिए प्रेरित किया गया।
सभा के बाद शाम को नेताओं के नेतृत्व में लगभग 150 वाहनों और 200-250 लोगों का काफिला रियां बड़ी से पादूकलां की ओर रवाना हुआ। शाम 6 बजे काफिला नेशनल हाईवे-58 पर पहुंचा, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार नागौर में पादूकलां तिराहे से थावला (बाड़ी घाटी) टोल प्लाजा तक करीब 28 किलोमीटर के मार्ग पर लंबा जाम लग गया। वाहनों को यह दूरी तय करने में लगभग चार घंटे लगे और रात 10 बजे तक यातायात बाधित रहा।
रिपोर्ट में बताया कि लंबा जाम लगने के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन सेवा वाहन भी जाम में फंस गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पादूकलां थाने के उपनिरीक्षक श्रवणराम ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2), 223, 285 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच एएसआई सीताराम को सौंपी गई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जयपुर के बिधून स्थित भैराणा धाम में आयोजित महापंचायत के दौरान हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ कथित अशोभनीय टिप्पणी की थी, जिसके बाद सियासत गरमा गई थी। इस बयान के तत्काल बाद राजस्थान सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा में तैनात जयपुर कमिश्नरेट के तीनों पीएसओ को हटा दिया था। अब उनकी सुरक्षा में मुख्य रूप से नागौर जिला पुलिस के जवान ही तैनात रहेंगे।
सुरक्षा में हुई इस कटौती के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा की मांग नहीं की, बल्कि प्रदेश के हजारों युवा हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं। करीब एक साल पहले खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। ठीक उसके बाद नागौर में हनुमान बेनीवाल पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर व सुरक्षा घटाने के मामले को 'कथित अशोभनीय टिप्पणी' से भी जोड़कर देखा जा रहा है।