
नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल। फोटो - ANI
Hanuman Beniwal : नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा व्यवस्था में सरकार ने बदलाव किया है। इसके तहत जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के तीन पीएसओ को हटा दिया गया है। अब उनकी सुरक्षा में मुख्य रूप से नागौर जिला पुलिस के जवान ही तैनात रहेंगे। सुरक्षा में हुई इस कटौती के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा की मांग नहीं की, बल्कि प्रदेश के हजारों युवा हमेशा उनके साथ खड़े रहते हैं। करीब एक साल पहले खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
पिछले दिनों जयपुर के बिधून स्थित भैराणा धाम में आयोजित महापंचायत के दौरान हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ कथित अशोभनीय टिप्पणी की थी, जिसके बाद सियासत गरमा गई थी। सुरक्षा घटाने के मामले को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।
बिचून रीको औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में चल रहे 'रीको भगाओ, भैराणा धाम बचाओ' आंदोलन को लेकर बुधवार को महापंचायत हुई थी। नागौर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल धरना स्थल पर पहुंचे थे। भैराणा गांव में आयोजित महापंचायत में बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए मर्यादाहीन शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने कहा कि वे मूर्खों के राजा हैं। उनके चरित्र पर भी सवाल उठाए थे।
हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सनातन के नाम पर सत्ता में आने वाली भाजपा साधु-संतों के साथ न्याय करने में विफल रही है। बेनीवाल ने सरकार के इस निर्णय को मूर्खतापूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित किया जाए।
उधर जयपुर में हनुमान बेनीवाल पर भाजपा नेताओं की कथित बयानबाजी के विरोध में शुक्रवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर आरएलपी से जुड़े छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब छात्रों ने पुतला जलाने का प्रयास किया और जेएलएन मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान करीब 27 छात्रों को हिरासत में लिया गया।
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और छात्र नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने भैराणा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र और भाजपा नेताओं द्वारा हनुमान बेनीवाल पर की गई टिप्पणियों का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलकर विरोध मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और 27 छात्रों को हिरासत में लिया, जबकि अन्य छात्रों को मौके से खदेड़ दिया।
Updated on:
30 May 2026, 8:15 AM IST
Published on:
30 May 2026, 8:15 AM IST
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